बाली वार्ड नंबर 14 में नालियों की बदहाल स्थिति, राहगीरों की सुरक्षा पर मंडरा रहा खतरा

बाली। नगर के वार्ड नंबर 14 में नालियों की हालत अत्यंत खराब हो चुकी है, जिससे आमजन की सुरक्षा पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। क्षेत्र की नालियां खुली और अत्यधिक चौड़ी होने के कारण आए दिन कोई न कोई राहगीर उनमें गिरकर चोटिल हो रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, यहां हादसे होना अब आम बात बन गई है।

फिसलकर नाली में गिरे राहगीर
इसी क्रम में बीते दिन एक और दुर्घटना सामने आई, जब अशोक भाई वालचंदजी मेहता, जो इस मार्ग से गुजर रहे थे, अचानक पैर फिसलने से खुली नाली में गिर गए। नालियों की जर्जर अवस्था और फिसलन के कारण यह हादसा हुआ। सौभाग्य से बड़ा नुकसान नहीं हुआ, लेकिन घटना ने प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बरसात में और बिगड़ जाते हैं हालात
स्थानीय निवासियों ने बताया कि बरसात के मौसम में स्थिति और अधिक भयावह हो जाती है। वार्ड के नुक्कड़ पर चारों ओर से पानी जमा हो जाता है, जिससे नालियां दिखाई नहीं देतीं और राहगीरों के लिए खतरा कई गुना बढ़ जाता है। ऐसे में दोपहिया वाहन चालक, बुजुर्ग और महिलाएं सबसे अधिक प्रभावित हो रही हैं।

स्कूल के पास खुली नालियां, बच्चों की सुरक्षा खतरे में
इसी वार्ड में प्राथमिक विद्यालय भी स्थित है, जहां प्रतिदिन छोटे-छोटे बच्चे पढ़ने आते हैं। स्कूल के आसपास खुली नालियां बच्चों के लिए बड़ा जोखिम बनी हुई हैं। अभिभावकों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता व्याप्त है।

लोहे की जाली लगाने की मांग
क्षेत्रवासियों ने नगर पालिका प्रशासन से विशेष आग्रह किया है कि इन खुली नालियों पर लोहे की मजबूत जालियां लगवाई जाएं, ताकि दुर्घटनाओं को रोका जा सके। साथ ही नालियों की मरम्मत कर उन्हें सुरक्षित बनाया जाए।
जुनाडाक खाने की गली की तस्वीरें उजागर करती हैं हकीकत
यहां की स्थिति को दर्शाने वाली सभी तस्वीरें जुनाडाक खाने की गली की हैं, जो वार्ड नंबर 14 की बदहाली की सच्चाई को बयां करती हैं।

स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से शीघ्र संज्ञान लेकर आवश्यक कदम उठाने की मांग की है, ताकि किसी बड़ी अनहोनी से पहले आमजन और स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
















