भीलवाड़ा बस स्टैंड का पुनर्विकास पीपीपी मॉडल के तहत किया जाएगा

भीलवाड़ा बस स्टैंड का पुनर्विकास पीपीपी मॉडल के तहत
रिपोर्ट: सत्यनारायण सेन गुरला
भीलवाड़ा: राजस्थान राज्य सड़क परिवहन निगम (आरएसआरटीसी) ने सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत राज्य के प्रमुख बस स्टैंडों के आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। इस योजना के अंतर्गत भीलवाड़ा सहित राजस्थान के आठ शहरों के बस स्टैंडों का व्यापक पुनर्विकास किया जाएगा।
प्रत्येक परियोजना में अनुमानित निवेश 100 करोड़ से 300 करोड़ रुपये के बीच रहेगा। निगम ने निजी डेवलपर्स से रुचि की अभिव्यक्ति (ईओआई) आमंत्रित की थी, जिसमें कुल नौ डेवलपर्स ने भाग लिया। यह प्रक्रिया जयपुर स्थित आरएसआरटीसी मुख्यालय में संचालित की जा रही है।
प्रस्तावित सुविधाएं
- आधुनिक प्रतीक्षा क्षेत्र
- डिजिटल सेवाएं
- संगठित पार्किंग व्यवस्था
- वाणिज्यिक परिसर
- बेहतर यातायात प्रबंधन
भवन संरचना योजना
भूतल: बस संचालन और यात्री सुविधाएं
पहली मंजिल: कर्मचारियों के कार्यालय
ऊपरी मंजिलें: होटल, मॉल, कार्यालय और दुकानों के लिए वाणिज्यिक उपयोग
शामिल शहर एवं भूमि क्षेत्र
| शहर | भूमि क्षेत्र (वर्ग मीटर) |
|---|---|
| भीलवाड़ा | 28,198 |
| उदयपुर | 16,788 |
| चित्तौड़गढ़ | 15,124 |
| बीकानेर | 40,000 |
| भरतपुर | 30,917 |
| ब्यावर | 24,404 |
| अजमेर | 24,767 |
| बूंदी | 20,982 |
आगे की प्रक्रिया
एक समिति बोलीदाताओं की पात्रता का मूल्यांकन करेगी। डेवलपर्स से प्राप्त सुझावों की समीक्षा के बाद प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा जाएगा। मंजूरी मिलने के पश्चात औपचारिक निविदाएं जारी की जाएंगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
यह परियोजना क्या है?
पीपीपी मॉडल के तहत बस स्टैंडों का आधुनिकीकरण और वाणिज्यिक विकास।
कितना निवेश होगा?
प्रति परियोजना 100 से 300 करोड़ रुपये तक।
कितने डेवलपर्स शामिल हुए?
कुल नौ डेवलपर्स ने ईओआई में भाग लिया।













