कलश शोभायात्रा में उमड़ा जनसैलाब, भीलवाड़ा बना शिवमय — पंडित प्रदीप मिश्रा की शिव महापुराण कथा आज से शुरू

भीलवाड़ा सत्यनारायण सेन (गुरला) | धर्मनगरी भीलवाड़ा में पहली बार आयोजित हो रही सात दिवसीय श्री शिव महापुराण कथा को लेकर शहर पूरी तरह शिवभक्ति में डूब गया है। प्रख्यात कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के मुखारविंद से शुरू हो रही इस कथा से पहले निकली भव्य कलश शोभायात्रा ने पूरे शहर को आस्था के महासागर में बदल दिया।
2100 कलश के साथ निकली ऐतिहासिक शोभायात्रा
मंगलवार शाम राजेन्द्र मार्ग से शुरू हुई शोभायात्रा में मातृशक्ति का अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिला। करीब 2100 महिलाओं ने सिर पर मंगल कलश धारण कर इस यात्रा को ऐतिहासिक स्वरूप दिया। जहां तक नजर गई, वहां केवल चुनरी ओढ़े महिलाएं ही दिखाई दीं। ढोल-नगाड़ों, बैंडबाजों और जयकारों के बीच निकली इस यात्रा ने पूरे शहर को भक्तिमय बना दिया।
यात्रा में संत-महात्माओं का सानिध्य भी विशेष आकर्षण रहा, जिसमें
- बाबूगिरी महाराज
- मोहनशरण शास्त्री
- संतदास महाराज
- गोविन्दराम
सहित कई संतों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
बग्गी में सजी राधा-कृष्ण की झांकी और अश्वों पर सवार धर्मध्वज लिए भक्तों ने शोभायात्रा की भव्यता को और बढ़ा दिया। शहरभर में जगह-जगह पुष्पवर्षा कर श्रद्धालुओं ने स्वागत किया।
आज से शुरू होगी शिव महापुराण कथा
न्यू आजादनगर स्थित मेडिसिटी ग्राउंड में आज से शुरू हो रही कथा प्रतिदिन दोपहर 2 से 5 बजे तक आयोजित होगी। कथा के लिए पंडित प्रदीप मिश्रा का मंगलवार देर शाम भव्य स्वागत किया गया। पूरा वातावरण “श्री शिवाय नमस्तुभ्यं” के जयघोष से गूंज उठा।
भक्तों के लिए भव्य व्यवस्थाएं
करीब 11 लाख वर्ग फीट क्षेत्र में फैले विशाल कथा स्थल पर लाखों श्रद्धालुओं के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं:
- विशाल वाटरप्रूफ डोम और पाइप पांडाल
- गर्मी से राहत के लिए कूलर-पंखे
- पेयजल के अनेक काउंटर
- 250 से अधिक अस्थायी शौचालय
- 24 घंटे मेडिकल टीम और एम्बुलेंस
भोजन व्यवस्था के तहत प्रतिदिन 20-20 हजार श्रद्धालुओं के लिए प्रसादी तैयार की जा रही है।
आयोजन समिति की अपील
आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं से व्यवस्था बनाए रखने की अपील करते हुए कहा है:
- समय से पहले पहुंचकर स्थान ग्रहण करें
- डिस्पोजेबल सामग्री का उपयोग न करें
- कीमती आभूषण पहनकर न आएं
- वाहन निर्धारित पार्किंग में ही खड़े करें
शिवभक्ति में डूबा पूरा शहर
इस भव्य आयोजन ने भीलवाड़ा को पूरी तरह शिवमय बना दिया है। शहर के हर मार्ग पर श्रद्धा, उत्साह और भक्ति का संगम देखने को मिल रहा है। आने वाले सात दिन धर्म, आस्था और आध्यात्म का विराट उत्सव बनकर सामने आएंगे।















