आत्मविश्वास और “बेबी फेस” से प्रेरणा तक: IPS अभिजीत पाटील की कहानी

ऐसे अफसर जो पहली ही नजर में कॉलेज स्टूडेंट लगते हैं, लेकिन वर्दी में कंधों पर चमकते सितारे उनकी असली पहचान बयां करते हैं — यही है IPS अभिजीत पाटील की खासियत।
शुरुआत: मासूम चेहरा, बड़ी उड़ान
अभिजीत पाटील का चेहरा युवा और “बेबी फेस” जैसा है, इसलिए कई बार लोग उन्हें पुलिस अधिकारी की वर्दी में भी छोटे-छोटे छात्र समझ बैठते हैं। लेकिन वर्दी के कंधों पर चमकते सितारे और कंधों पर ढाली हुई जिम्मेदारियाँ बता देती हैं कि यह चेहरा किसी बड़े सपने का प्रतिनिधि है।
पारिवारिक पृष्ठभूमि और प्रारंभिक जिंदगी
अभिजीत का जन्म 11 जून 1999 को महाराष्ट्र के ठाणे शहर में हुआ था। उनके पिता तुलसीराम पाटील मुंबई नगर निगम (BMC) में चीफ ऑडिटर थे और उनकी माता आशा देवी सिंचाई विभाग में काम करती थीं, दोनों ही सरकारी सेवा से VRS लेकर निवृत्त हो चुके हैं। अभिजीत दो बहनों के बीच इकलौते भाई हैं।

शिक्षण और UPSC की तैयारी
बीटेक (सिविल और एनवायरनमेंटल इंजीनियरिंग) के अंतिम वर्ष में पढ़ाई कर रहे अभिजीत ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की। उन्होंने यह तैयारी कोचिंग के बिना, केवल सेल्फ-स्टडी के ज़रिए की। उन्होंने टॉपरों के यूट्यूब वीडियो देखे, UPSC सिलेबस और पिछले प्रश्नपत्रों को खुद से एनालाइज किया और अपनी रणनीति तय की।
वे रोजाना लगभग 8 घंटे पढ़ाई करते थे, जिसमें टाइम-टेबल, रिवीजन और मॉक टेस्ट का संतुलन शामिल था। यही रणनीति उन्हें सफलता की ओर ले गई।
UPSC में शानदार प्रदर्शन
2022 में उन्होंने UPSC सिविल सेवा परीक्षा में 470वीं रैंक हासिल की और पहले ही प्रयास में यह कठिन परीक्षा पास की। महज 22 साल की उम्र में UPSC क्रैक कर उन्होंने अपना नाम दर्ज कराया।
राजस्थान कैडर और पहली तैनाती
उनका UPSC में चयन 2023 बैच के IPS अधिकारी के रूप में हुआ, और वे राजस्थान पुलिस कैडर में शामिल हुए। प्रारंभिक दौर में उन्होंने जयपुर पुलिस कमिश्नरेट में ASP (Under Training) के रूप में सेवाएँ दीं, और इसके बाद चूरू जिले के राजगढ़ सर्कल में ASP (Assistant Superintendent of Police) के पद पर तैनात हैं।
“सबसे युवा” IPS अधिकारी
उनकी UPSC में सफलता की उम्र और नियुक्ति की उम्र को देखते हुए उन्हें राजस्थान कैडर का सबसे युवा IPS अधिकारी माना जाता है। वे देशभर में चौथे-पाँचवे सबसे कम उम्र के IPS अफसरों में शामिल हैं।
उनके सफलता मंत्र
अभिजीत की सफलता के पीछे कुछ मूलभूत सिद्धांत रहे हैं।
- लक्ष्य की स्पष्टता — UPSC जैसे लक्ष्य को शुरू से स्पष्ट रखना।
- निरंतरता — रोजाना पढ़ाई की आदत।
- धैर्य और निराशा से जीत — कठिन दौर में भी आगे बढ़ते रहना।
- समय प्रबंधन — पढ़ाई, रिवीजन और मॉक टेस्ट का संतुलन।
- मानसिक संतुलन — परिवार और खुद के लिए समय निकालना।
राजगढ़ में उनकी तैनाती के दौरान एक मजदूर अपने बेटे को उनसे मिलवाने लाया, ताकि वह उनसे प्रेरणा लेकर भविष्य में अफसर बनने का लक्ष्य तय कर सके। यह दर्शाता है कि कैसे एक युवा अफसर स्थानीय युवाओं के लिए रोल मॉडल बन गया है।
अभिजीत पाटील की कहानी इस बात का जीता-जागता उदाहरण है कि कड़ी मेहनत, आत्म-विश्वास और स्पष्ट लक्ष्य से कोई भी युवा बड़ी चुनौतियों को पार कर सकता है। उन्होंने कोचिंग के बिना, पहले प्रयास में UPSC पास कर अपना और लाखों युवाओं का सपना साकार किया है। उनकी सफलता हम सभी खासकर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए एक प्रेरणा है।













