ढोला में जला ‘ज्ञान का दीप’, अब बदलेगा पूरे क्षेत्र का भविष्य!

ढोला में जला ‘ज्ञान का दीप’, अब बदलेगा पूरे क्षेत्र का भविष्य!
गांव में शिक्षा की नई पहल से बच्चों और युवाओं के लिए खुलेंगे बेहतर अवसर
रिपोर्ट: स्थानीय संवाददाता पुखराज कुमावत सुमेरपुर
उपखंड क्षेत्र के ढोला गांव में शिक्षा की नई क्रांति का शुभारंभ हो चुका है। गांव में जला यह “ज्ञान का दीप” केवल एक प्रतीक नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य की ठोस नींव बनता दिखाई दे रहा है। वर्षों से जिस शैक्षणिक माहौल की जरूरत महसूस की जा रही थी, वह अब साकार रूप लेने लगा है।
गांव में शुरू हुई इस पहल से बच्चों और युवाओं को अब बेहतर अध्ययन वातावरण मिलेगा। किताबों की खुशबू, पढ़ने की शांति और सीखने का उत्साह—ये सभी मिलकर ढोला को नई पहचान देने जा रहे हैं।
✨ और जहां सपने होंगे, वहां सफलता की राह खुद बनती जाएगी।
गांव में ही मिलेंगे शिक्षा के अवसर
ग्रामीणों का कहना है कि अब उनके बच्चों को पढ़ाई के लिए बड़े शहरों की ओर नहीं जाना पड़ेगा। शिक्षा के बेहतर अवसर गांव में ही उपलब्ध होने से समय और संसाधनों दोनों की बचत होगी।
इस पहल से न केवल विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा, बल्कि पूरे क्षेत्र में सकारात्मक संदेश भी जाएगा कि शिक्षा ही विकास का सबसे बड़ा साधन है।
नई उम्मीद, नई ऊर्जा
अभिभावकों में नई उम्मीद जगी है, युवा वर्ग में उत्साह और ऊर्जा दिखाई दे रही है, जबकि छोटे बच्चों की आंखों में बड़े-बड़े सपने चमक रहे हैं। ग्रामीणों ने इसे गांव के इतिहास का एक महत्वपूर्ण और दूरगामी कदम बताया है।
उनका मानना है कि यह प्रयास आने वाले वर्षों में ढोला को शिक्षा के मानचित्र पर एक अलग पहचान दिलाएगा।













