नाथजी की बावड़ी में गिरा बैल, 9 घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन में सकुशल बाहर निकाला गया

पाली (मारवाड़)। पाली जिले की मारवाड़ तहसील के ठाकुरवास गांव से राणावास जाने वाली सड़क पर स्थित नाथजी की बावड़ी में एक बैल गिर गया। मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे इसकी सूचना मिलते ही कामधेनु सेना, गोपुत्र सेवा समिति बगड़ी नगर, और श्रीकृष्ण गौ सेवा समिति सांड़िया के सदस्यों ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। इस अभियान में प्रशासन, पुलिस और स्थानीय ग्रामीणों की भी सक्रिय भागीदारी रही।
कामधेनु सेना और गौभक्तों ने निभाई अग्रणी भूमिका
बैल के कुएं में गिरने की खबर मिलते ही कामधेनु सेना की टीम तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई। टीम के साथ गोपुत्र सेवा समिति बगड़ी नगर से धर्मेंद्र गर्ग और खिवराज सांड़िया भी मौके पर पहुंचे।
इस रेस्क्यू को सफलतापूर्वक संचालित कराने के लिए कामधेनु सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोहर भड़ियासर ने उपखंड अधिकारी महावीर सिंह जोधा से संपर्क कर प्रशासनिक सहयोग सुनिश्चित किया।
प्रशासनिक और पुलिस सहयोग से शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन
स्थानीय ग्राम विकास अधिकारी अनुराग, सब-इंस्पेक्टर अशोक चरण, और पटवारी ने मिलकर प्रशासनिक व्यवस्था बनाई। हालांकि, कुएं का स्थान खेतों के अंदर सड़क से एक किलोमीटर से अधिक दूर था और भारी बारिश के कारण रास्ता दुर्गम हो गया था, जिससे हाइड्रो क्रेन जैसे यंत्रों का उपयोग संभव नहीं हो सका।
150 फीट गहरे कुएं में अकेले उतरे सुनील, बैल को बांधा रस्सों से
रक्षक हिंदू युवा फोर्स निमाज से जुड़े सुनील ने साहस दिखाते हुए जर्जर कुएं में अकेले उतरकर बैल को मजबूती से रस्सियों से बांधा। रेस्क्यू में सुनील की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही।

टीम ने रस्सों और सुरक्षा उपकरणों की मदद से मानवीय प्रयास जारी रखे और रात 9 बजे तक कड़ी मेहनत कर बैल को सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता पाई।
इन लोगों का रहा अहम योगदान
रेस्क्यू ऑपरेशन में कई संगठनों और व्यक्तियों ने सक्रिय भूमिका निभाई:
इंद्रराज गोदारा (पुलिस विभाग)
मोहनलाल (राणावास पुलिस चौकी प्रभारी)
राकेश खींची (व्यवस्थापक, बिलाड़ा गौधाम चिकित्सालय)
धर्मेंद्र गर्ग (सोजत तहसील उपाध्यक्ष, कामधेनु सेना)
खिवराज चौहान (श्रीकृष्ण गौ सेवा समिति, सांड़िया)
आई माता गौ चिकित्सालय टीम, शेखावास
मनोहर भाटी (रायपुर तहसील उपाध्यक्ष, ठाकुरजी गोसेवा समिति पिपलिया कलां),
भंवरलाल शर्मा
SS योगी (गौरक्षक दल, मगरा बेल्ट खेड़ानाबरा)
नारायण रावल (कंटालिया)
दिनेश वन, प्रकाश सिरवी, गोविंद, बंजारा
रक्षक हिंदू युवा फोर्स, निमाज टीम
स्थानीय ग्रामीण एवं कामधेनु सैनिक
गंभीर हालातों में भी नहीं टूटा हौसला
बारिश, दुर्गम रास्ता, और सीमित संसाधनों के बावजूद कामधेनु सेना और सहयोगी संगठनों ने हार नहीं मानी। बेजुबान पशु के प्रति समर्पण भाव और मानवीय संवेदनाओं के चलते रेस्क्यू टीम ने विपरीत परिस्थितियों में भी साहसिक कार्य करते हुए बैल को सुरक्षित जीवनदान दिया।
यह रेस्क्यू ऑपरेशन न केवल मानवीय संवेदना का उदाहरण है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि यदि प्रशासन, सामाजिक संगठन और स्थानीय नागरिक एकजुट होकर कार्य करें, तो किसी भी संकट से निपटना संभव है। कामधेनु सेना, गौ सेवा समितियों, पुलिस प्रशासन और ग्रामीणों की इस संयुक्त पहल ने एक बेजुबान प्राणी को जीवनदान देकर मानवीयता की मिसाल पेश की है।















