नालासोपारा हत्याकांड: पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर की पति की निर्मम हत्या, शव को घर में ही दफनाया – आरोपी पुणे से गिरफ्तार

नालासोपारा, महाराष्ट्र | वसई-विरार में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे महाराष्ट्र और उत्तर भारत को झकझोर दिया है। नालासोपारा इलाके में एक महिला ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की बेरहमी से हत्या कर दी और शव को घर में ही दफना दिया। मामले का खुलासा होते ही आरोपी महिला और उसका प्रेमी फरार हो गए थे, जिन्हें अब पुणे से गिरफ्तार कर लिया गया है।
घटना मीरा-भायंदर, वसई-विरार पुलिस आयुक्तालय अंतर्गत पेल्हार पुलिस स्टेशन के गांगड़ी पाड़ा, धानिवबाग, नालासोपारा (पूर्व) इलाके की है। यहां गुड़िया उर्फ चमन देवी चौहान (25 वर्ष) अपने पति विजय चौहान और 8 वर्षीय बेटे के साथ रह रही थी।
प्यार में पागल महिला ने पति को उतारा मौत के घाट
प्राप्त जानकारी के अनुसार, चमन देवी का अवैध संबंध मोनू शर्मा (20 वर्ष) नामक युवक से चल रहा था। प्रेम-संबंधों में बाधा बन रहे पति को रास्ते से हटाने के लिए महिला ने अपने प्रेमी और एक अन्य साथी के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची।

हत्या के बाद शव को घर में ही दफनाया गया
हत्या के बाद आरोपियों ने विजय चौहान के शव को घर के भीतर ही गड्ढा खोदकर दफना दिया। लंबे समय तक शव से उठती दुर्गंध और महिला के व्यवहार में बदलाव के कारण स्थानीय लोगों को शक हुआ।
जब स्थानीय निवासियों ने खुदाई की, तो उन्हें घर के अंदर से विजय का सड़ा-गला शव बरामद हुआ, जिससे पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई।
हत्या का खुलासा और पुलिस की त्वरित कार्रवाई
घटना की गंभीरता को देखते हुए पेल्हार पुलिस ने तकनीकी मदद (जैसे – मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग, सीसीटीवी फुटेज आदि) से जांच को आगे बढ़ाया। आरोपी महिला और उसका प्रेमी घटना के तुरंत बाद फरार हो गए थे।
पुलिस टीम ने सतर्कता से कार्य करते हुए दोनों आरोपियों को पुणे के हडपसर स्थित ‘सामने नगर बाजार’ क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के समय दोनों बाजार में सामान्य रूप से घूम रहे थे।
पुलिस की प्रेस वार्ता में हुआ खुलासा
पुलिस आयुक्तालय द्वारा आयोजित प्रेस वार्ता में इस पूरी घटना की विस्तृत जानकारी दी गई। वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि:
- चमन देवी और मोनू शर्मा के बीच लंबे समय से अवैध संबंध थे।
- विजय चौहान को रास्ते से हटाने की योजना कई दिनों से बनाई जा रही थी।
- हत्या के बाद शव को घर में ही गुप्त रूप से दफनाना इस वारदात की सबसे खौफनाक बात थी।
बेटे की मौजूदगी में हुआ जघन्य अपराध
इस पूरे प्रकरण का सबसे दर्दनाक पक्ष यह है कि हत्या के वक्त उनका 8 साल का मासूम बेटा भी उसी घर में मौजूद था। फिलहाल पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि बच्चा घटना का प्रत्यक्षदर्शी था या नहीं।
जांच अभी भी जारी, अन्य सहयोगियों की तलाश में पुलिस
पुलिस अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि मामले में और भी आरोपी या सहयोगी हो सकते हैं, जिनकी तलाश और पूछताछ जारी है। इसके साथ ही फॉरेंसिक टीम द्वारा घटनास्थल से सबूत जुटाए जा रहे हैं।
हत्या, साजिश और साक्ष्य मिटाने की धाराओं में केस दर्ज
चमन देवी, मोनू शर्मा और संभावित अन्य साथियों के खिलाफ:
- IPC की धारा 302 (हत्या)
- 120B (आपराधिक षड्यंत्र)
- 201 (सबूत मिटाना) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
स्थानीय लोग स्तब्ध, समाज में फैला आक्रोश
गांगड़ी पाड़ा क्षेत्र और वसई-विरार में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय नागरिकों ने इस जघन्य हत्याकांड की कड़ी निंदा करते हुए आरोपी महिला को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है।
प्रेम-प्रसंग ने लिया खूनी मोड़
यह पूरा मामला अवैध संबंधों, घरेलू कलह और सामाजिक गिरावट का जीता-जागता उदाहरण बन गया है। पति की हत्या और शव को घर में दफनाना जैसे कदमों ने रिश्तों की मर्यादा और इंसानियत को शर्मसार कर दिया है।
पुलिस की सूझबूझ और तत्परता से आरोपी अब सलाखों के पीछे हैं, लेकिन यह मामला समाज को एक चेतावनी देता है कि भावनात्मक असंतुलन और गलत संगति कैसे एक इंसान को हत्यारा बना सकती है।
















