बाली में 108 सेसली पार्श्वनाथ जैन तीर्थ की प्रथम वर्षगांठ 20 फरवरी को, त्रिदिवसीय रत्नत्रयी महोत्सव में होगा ध्वजारोहण

बाली | राजस्थान के बाली में स्थित 108 सेसली पार्श्वनाथ जैन तीर्थ की प्रथम वर्षगांठ के उपलक्ष्य में 20 फरवरी 2026 को भव्य ध्वजारोहण समारोह आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर त्रिदिवसीय रत्नत्रयी महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें देशभर से श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
यह आयोजन मरुधर मार्तण्ड आचार्य भगवंत श्रीमद् विजय चिदानंद सूरीश्वर जी महाराज साहब आदि ठाणा तथा नितीसूरीजी समुदाय की साध्वी भगवंत श्री कल्पशीला श्रीजी, संयमशीला श्रीजी आदि ठाणा की पावन निश्रा में संपन्न होगा।
तीर्थ प्रबंधन के अनुसार, श्री 108 पार्श्वनाथ नाम श्रृंखला में समाहित प्रकट प्रभावी श्री सेसली पार्श्वनाथ जिनालय को स्थापित हुए एक वर्ष पूर्ण हो रहा है। प्रथम वर्षगांठ के अवसर पर फाल्गुन सुदि 3, शुक्रवार 20 फरवरी 2026 को पूज्य प्रतिष्ठाचार्यश्री की शुभनिश्रा में ध्वजारोहण किया जाएगा। आयोजन समिति ने इसे ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष बताया है।

तीन दिन तक चलेंगे मांगलिक धार्मिक कार्यक्रम
महोत्सव के तहत 18 फरवरी से 21 फरवरी 2026 तक विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे।
बुधवार, 18 फरवरी 2026
- प्रातः 10 बजे श्री पार्श्व पंच कल्याणक पूजा
- नाश्ता एवं दोपहर का स्वामीवात्सल्य
गुरुवार, 19 फरवरी 2026
- प्रातः 9 बजे अठारह अभिषेक
- नाश्ता एवं दोपहर स्वामीवात्सल्य
- दोपहर 2 बजे अधिष्ठायक देव-देवी लघु पूजन
- दोपहर 3:30 बजे हाई टी
शुक्रवार, 20 फरवरी 2026
- प्रातः ध्वजारोहण समारोह
- नाश्ता एवं स्वामीवात्सल्य
शनिवार, 21 फरवरी 2026
- प्रातः नाश्ता एवं स्वामीवात्सल्य (बाली में)
महोत्सव के दौरान श्री सेसली पार्श्वनाथ प्रभु की ध्वजा का चढ़ावा भी बुलाया जाएगा।
श्रद्धालुओं से सहपरिवार पधारने का आग्रह
आयोजन की ओर से श्रद्धालुओं को सहपरिवार उपस्थित होकर महोत्सव की शोभा बढ़ाने का आग्रह किया गया है। समिति का कहना है कि भव्य प्रतिष्ठा महोत्सव के बाद अब प्रथम वर्षगांठ को भी उसी उत्साह और गरिमा के साथ मनाया जाएगा।
यह आयोजन श्री ओसवाल श्वेतांबर मूर्तिपूजक तपागच्छ जैन संघ बाली के तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है।
धार्मिक, आध्यात्मिक और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण यह महोत्सव बाली क्षेत्र के लिए आस्था का केंद्र बनने जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में जैन समाज के श्रद्धालु शामिल होंगे।
















