भीलवाड़ा में गाडरी समाज की ऐतिहासिक पहल: अफीम-डोडा के खिलाफ नशामुक्ति अभियान तेज

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भीलवाड़ा | लूनिया टाइम्स न्यूज संवाददाता प्रभुलाल लोहार
जिले में सोमवार, 2 मार्च को गाडरी समाज ने नशे के खिलाफ एक व्यापक सामाजिक अभियान ‘अफीम मुक्त सामाजिक कार्यक्रम’ की शुरुआत की है। इस पहल का उद्देश्य समाज में अफीम और डोडा के सेवन जैसी कुप्रथाओं को समाप्त करना और नशामुक्त वातावरण को बढ़ावा देना है।
अभियान के तहत समाज के हजारों सदस्यों से सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करवाए जा रहे हैं। इसमें संकल्प लिया जा रहा है कि विवाह, मृत्यु भोज, रसोई तथा मृत्यु के बाद 12 दिनों तक होने वाले सामाजिक आयोजनों में अफीम या डोडा परोसने की परंपरा पूरी तरह बंद की जाएगी। समाज के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय कमेटियां इस निर्णय को लागू कराने के लिए जागरूकता अभियान चला रही हैं।
जानकारी के अनुसार, अभियान को प्रशासनिक स्तर पर भी समर्थन मिल रहा है। धर्मेंद्र सिंह यादव के सहयोग से समाज प्रतिनिधि नशे के खिलाफ सख्ती और जागरूकता दोनों पर समान रूप से काम कर रहे हैं।
समाज के पदाधिकारियों का कहना है कि यह पहल केवल नशा मुक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वस्थ और प्रगतिशील सामाजिक वातावरण बनाने की दिशा में एक दीर्घकालिक प्रयास है।
इस अभियान में कोठाज श्याम सेवा समिति, झरना महादेव गाडरी समाज सेवा समिति, हरनी महादेव गाडरी समाज कमेटी, कोटड़ी श्याम सेवा समिति और सिंगोली चारभुजानाथ सेवा समिति सहित कई संगठन सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।













