पडरिया तुला मे धनुष यज्ञ मेले के 15 दिन पूरे,लेकिन अभी तक नहीं लग पाईं पूरी दुकानें

गगन मिश्रा
- पडरिया तुला।
दूर दराज से आए दुकानदारों को सता रही चिंता, कही मेला शुरू होने से पहले ही खत्म न हो जाए अनुमति।
प्राचीन काल से अभी तक पड़रियातुला में हर साल लगने वाले लगभग 135 साल पुराने धनुष यज्ञ मेला शुरू हुए करीब 15 दिन हो गए हैं, लेकिन अभी तक पूर्ण रुप से दुकानें न लग पाने से मेले मे पहले की भांति चहल पहल व भीडभाड़ नहीं देखने को मिली है।जिस वजह से दुकानदारों को ये चिंता सताने लगी है कि मेला चलने से पहले ही कहीं मेले की प्रशासनिक अनुमति समाप्त न हो जाए । हर साल धूमधाम से आयोजित होने वाले मेले में इस बार खेल-तमाशे तो लगे हैं,पर मुख्य आकर्षण रामलीला कार्यक्रम काफी पहले ही समाप्त हो चुका है।
मेले के लिए पर्चे भी बांटे गए थे।जिनके अनुसार मेला 1 दिसंबर से 15 दिसंबर तक चलना था । आदर्श रामलीला पार्टी ने 27 नवंबर को आकर सात दिन तक रामलीला का मंचन भी किया गया। 5 दिसंबर को रामलीला पार्टी विदा हो गई।अभी तक के इतिहास में यह पहली बार है कि रामलीला समाप्त होने के बाद भी दुकानें नहीं लग पाई हैं।

यह मेला पुराने समय से क्षेत्र का सबसे विख्यात धनुष यज्ञ मेला है। इसमें कयी जिलों से बड़ी संख्या में दुकानदार आते हैं, जो मेले की रौनक बढ़ाती हैं।हालांकि,अभी तक स्थानीय दुकानों के अलावा बाहर से आने वाली दुकानें नहीं लग पाई हैं। दुकानदारों ने जगह तो ले ली है, लेकिन उन्हें दुकानें लगाने में अभी एक-दो दिन और लगेंगे। इसके बाद उन्हें मेले की अनुमति (परमिशन) को लेकर चिंता सता रही है। दुकानदारों का कहना है कि मेले की अनुमति 15 दिसंबर तक ही है। ऐसे में उन्हें डर है कि दुकानें लगाते ही कहीं उन्हें हटाने का आदेश न मिल जाए, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हो सकता है। इस संबंध में पडरिया तुला चौकी इंचार्ज दीपक तिवारी ने बताया कि मिले की अनुमति 15 सितंबर तक थी हालांकि मेला कमेटी से मेले की अनुमति बढ़ाने की मौखिक सूचना मिली है परंतु अभी तक मेला कमेटी मेले की अवधि बढाने के संबंध मे कोई प्रशासनिक आदेश के दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा पाई है।











