मनरेगा बचाओ संग्राम : घाटोल विधानसभा 162 से उठी मज़दूरों की हुंकार

घाटोल (बांसवाड़ा)। घाटोल विधानसभा क्षेत्र 162 में “मनरेगा बचाओ संग्राम” के तहत एक विशाल जनसभा का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों ग्रामीणों, किसानों और मज़दूरों ने भाग लेकर अपनी एकजुटता का परिचय दिया। यह कार्यक्रम विधानसभा प्रभारी राकेश रेखराज मेवाड़ा, ज़िला कांग्रेस अध्यक्ष अजुर्नराम बामनिया तथा लोकप्रिय विधायक नानालाल निनामा की मौजूदगी में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधानसभा प्रभारी राकेश रेखराज मेवाड़ा ने कहा कि मनरेगा केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि गरीब की रोज़ी-रोटी, मज़दूर के सम्मान और गांव की आत्मनिर्भरता की रीढ़ है। उन्होंने कहा कि आज जनविरोधी ताकतें मनरेगा को कमजोर करने, मज़दूरों की मजदूरी रोकने और ग्रामीणों के अधिकार छीनने की साज़िश कर रही हैं। ऐसे समय में कांग्रेस पार्टी मज़दूरों और किसानों के हक़ की लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक पूरी ताक़त के साथ लड़ रही है।
उन्होंने कांग्रेस का संकल्प दोहराते हुए कहा—
“मज़दूर को काम, काम का पूरा दाम और समय पर भुगतान” कांग्रेस की प्राथमिकता है।
रुकी मजदूरी भुगतान की मांग
ज़िला कांग्रेस अध्यक्ष अजुर्नराम बामनिया ने कहा कि इस जनसंघर्ष को और मज़बूत करने के लिए हर गांव, हर मज़दूर और हर किसान को आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि रुकी हुई मजदूरी का तत्काल भुगतान, पारदर्शी व्यवस्था और मज़बूत मनरेगा ही ग्रामीण भारत को सशक्त बना सकता है। आपकी एक-एक उपस्थिति इस आंदोलन को ताक़त देती है।
मज़दूर बचेगा तो गांव बचेगा : निनामा
लोकप्रिय विधायक नानालाल निनामा ने अपने संबोधन में कहा कि
“एकजुट ग्रामीण समाज ही मज़बूत कांग्रेस की नींव है। मज़दूर बचेगा, तभी गांव बचेगा और मनरेगा बचेगा, तभी भारत मज़बूत बनेगा।”
उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि मनरेगा में ग्रामीणों को 400 रुपये प्रतिदिन मजदूरी मिलनी चाहिए, ताकि श्रमिकों का जीवन स्तर बेहतर हो सके।
कई कांग्रेस पदाधिकारियों ने किया संबोधन
कार्यक्रम में जिला कांग्रेस कमेटी से लगाए गए प्रभारी आशीष मेहता, पूर्व प्रधान कालूरामजी, ब्लॉक प्रभारी लक्ष्मण सोलंकी, गीता देवी पटेल, ब्लॉक अध्यक्ष अजीत मुगाणिया, जिला उपाध्यक्ष नेमिकुमार जैन, जिला महामंत्री देवीलाल निनामा सहित कई नेताओं ने विचार रखे।
भारी संख्या में जनप्रतिनिधि व कार्यकर्ता मौजूद
सभा में मंडल अध्यक्ष संजय घटिया, प्रभुलाल निनामा, गोपाल चरकोटा, बिजली देवी, रमेश निनामा, जिला परिषद सदस्य गौतम राणा, नागेंद्र सिंह बलिया, महिपाल सिंह कर्णावत, सरपंच चेतन पुरी, महावीर पुरी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता और ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में मनरेगा को मज़बूत करने, मज़दूरों के अधिकारों की रक्षा और लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया।













