राष्ट्र निर्माण में मातृशक्ति की भूमिका सदैव अग्रणी रही है : राजेश पटेल

पाली। किसी भी राष्ट्र निर्माण की नींव मातृशक्ति के त्याग व समर्पण के कारण ही सुदृढ होती है। भारत का इतिहास साक्षी है कि जब-जब देश को आवश्यकता पड़ी, हमारे देश की नारी शक्ति ने अपने शोर्य और बुद्धि अर्थात शस्त्र और शास्त्र दोनों स्वरूपों में अग्रणी भूमिका निभाई। यह विश्व हिन्दू परिषद के प्रान्त संगठन मंत्री श्री राजेश पटेल ने दुर्गावाहिनी शौर्य प्रशिक्षण वर्ग के बौद्धिक सत्र में व्यक्त किए।

उन्होंने कहा कि माता जानकी, अनसूया, गार्गी, जीजाबाई, अहिल्याबाई, महारानी लक्ष्मीबाई, पन्नाधाय जैसी वीरांगनाओं ने न केवल इतिहास रचा, बल्कि संस्कृति, राष्ट्र और धर्म की रक्षा में अप्रतिम योगदान दिया। उन्होंने कहां कि देश के स्वतंत्रता संग्राम में महिलाओं के त्याग और बलिदान भुलाया नहीं जा सकता।
उन्होंने दुर्गावाहिनी के माध्यम से चल रहे प्रशिक्षण कार्यक्रमों को नारी शक्ति जागरण का माध्यम बताते हुए कहा कि यह वर्ग केवल एक प्रशिक्षण नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की प्रयोगशाला है, जहां भावी पीढ़ी के संस्कार और नेतृत्व गढ़े जा रहे हैं।
प्रान्त संगठन मंत्री ने मां भारती के चित्र के समक्ष दीप जलाकर आज के सत्र का विधिवत शुभारंभ किया, इससे पूर्व प्रान्त संयोजिका कुसुम थावानी ने उनका दुपट्टा भेंट कर स्वागत किया। बौद्धिक सत्र के दौरान उपस्थित सैकड़ों शिक्षार्थियों, शिक्षिकाओं व प्रबंधिकाओं ने विषय को गम्भीरता से मनन कर राष्ट्र सेवा का संकल्प धारण किया।












