शिवगंज में ‘वायरल वॉर’ से मचा बवाल, रिकॉर्डिंग विवाद थाने तक पहुंचा

रिपोर्ट -पुखराज कुमावत सुमेरपुर
निजी बातचीत वायरल करने के आरोप, आईटी एक्ट में केस दर्ज करने की मांग
शिवगंज। शहर में एक कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग के वायरल होने के बाद विवाद गहरा गया है। पत्रकार और एक स्थानीय व्यक्ति के बीच शुरू हुआ यह मामला अब थाने तक पहुंच गया है, जहां पीड़ित पक्ष ने कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, मंदिर विवाद की कवरेज के बाद यह घटनाक्रम सामने आया। पत्रकार महेंद्र कुमार माली ने आरोप लगाया है कि एक स्थानीय व्यक्ति ने उनकी निजी बातचीत को बिना अनुमति रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर प्रसारित किया, जिससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा प्रभावित हुई है।
निजता बनाम खुलासा, छिड़ी बहस
वायरल ऑडियो के बाद शहर में यह बहस तेज हो गई है कि क्या इस तरह की रिकॉर्डिंग सच्चाई सामने लाने का माध्यम है या फिर यह किसी व्यक्ति की निजता का उल्लंघन है। पत्रकार का कहना है कि यह कृत्य गैरकानूनी होने के साथ-साथ मानहानि और मानसिक उत्पीड़न की श्रेणी में आता है।
आईटी एक्ट में कार्रवाई की मांग
पीड़ित पक्ष ने थाने में ज्ञापन सौंपकर सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66E सहित अन्य प्रासंगिक धाराओं में मामला दर्ज करने की मांग की है। साथ ही उच्चतम न्यायालय के दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।
सोशल मीडिया पर तेजी से फैला ऑडियो
बताया जा रहा है कि संबंधित ऑडियो व्हाट्सएप सहित विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से साझा किया गया, जिससे मामला और अधिक संवेदनशील हो गया। इसको लेकर शहर में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
प्रशासन पर बढ़ा दबाव
घटना के बाद स्थानीय स्तर पर प्रशासन पर भी कार्रवाई का दबाव बढ़ा है। नागरिकों का कहना है कि बिना अनुमति रिकॉर्डिंग और उसके प्रसार पर सख्ती जरूरी है, ताकि ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
जांच के बाद ही स्पष्ट होगी स्थिति
फिलहाल पुलिस ने मामले को संज्ञान में लिया है और जांच जारी है। वायरल ऑडियो की सत्यता और आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।













