सेवा भारती बाली जिले के बाल संस्कार केंद्रों में स्वतंत्रता दिवस का रंगारंग उत्सव, बच्चों ने बांधी देशभक्ति की डोर

बाली (पाली)। — आजादी के 79वें पर्व पर सेवा भारती बाली जिला समिति के विभिन्न बाल संस्कार केंद्रों में देशभक्ति, उत्साह और अपनत्व का अद्भुत संगम देखने को मिला। राष्ट्रीय ध्वज फहराने के साथ जब बच्चों ने “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के स्वर गूंजाए, तो पूरा माहौल राष्ट्रप्रेम की भावना से भर गया।

इन बाल संस्कार केंद्रों में स्वतंत्रता दिवस पर न केवल तिरंगा फहराया गया, बल्कि भामाशाहों ने बच्चों के चेहरों पर मुस्कान बिखेरते हुए मिठाई भी बांटी। बच्चों की रंगारंग प्रस्तुतियों ने सबका मन मोह लिया और बस्तीवासियों ने भी पूरे उत्साह के साथ इस आयोजन में भाग लिया।
जिले के वे बाल संस्कार केंद्र जहां आजादी का जश्न मनाया गया
- फालना – अशोक नगर
- केन्द्र शिक्षिका: नीलम सोनी
- कार्यक्रम: देशभक्ति गीत, झांकी और बच्चों द्वारा स्वतंत्रता सेनानियों पर नाटक।
- फालना – शिवाजी नगर
- केन्द्र शिक्षिका: तारा सोनी
- कार्यक्रम: राष्ट्रध्वज सलामी, कविता पाठ, भाषण प्रतियोगिता।
- सादड़ी – मेघवालों का बड़ा वास
- केन्द्र शिक्षिका: कुसुम
- कार्यक्रम: पारंपरिक वेशभूषा में नृत्य, देशभक्ति गीत और झांकी।
- सादड़ी – आंबेडकर नगर
- केन्द्र शिक्षिका: भानु
- कार्यक्रम: स्वतंत्रता संग्राम की झलकियां दिखाती नाट्य प्रस्तुति और समूह गान।
- सादड़ी – मीनों का अरट
- केन्द्र शिक्षिका: तरुणा
- कार्यक्रम: बच्चों द्वारा कविताएं, नृत्य और देशभक्ति गीतों की मनमोहक प्रस्तुति।
- नाडोल नगर
- केन्द्र शिक्षिका: ऊषा परमार
- कार्यक्रम: योग प्रदर्शन, राष्ट्रगीत और समूह नृत्य।
भामाशाहों का स्नेह और सहयोग
इन सभी केंद्रों पर भामाशाहों ने बच्चों को मिष्ठान वितरित किया। मिठाई के डिब्बे बच्चों के हाथों में और उनके चेहरों पर खिली मुस्कान ने माहौल को और भी खुशगवार बना दिया। कई भामाशाहों ने इस अवसर पर बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दीं।
देशभक्ति से सराबोर सांस्कृतिक कार्यक्रम
- बच्चों ने वंदे मातरम्, जन गण मन और अन्य देशभक्ति गीतों से कार्यक्रम की शुरुआत की।
- नृत्य, नाटक और कविता पाठ में स्वतंत्रता संग्राम की कहानियां जीवंत हो उठीं।
- मंच से लेकर दर्शकों तक हर कोई तिरंगे रंग में रंगा नजर आया।
बस्तीवासियों की भागीदारी
इन आयोजनों में न केवल बच्चे और शिक्षिकाएं, बल्कि बस्तीवासी, अभिभावक और स्थानीय समाजसेवी भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। हर किसी ने बच्चों की मेहनत और सेवाभारती के प्रयासों की सराहना की।
जिला प्रकल्प प्रमुख का संदेश
जिला प्रकल्प प्रमुख दिनेश लूनिया ने कहा:
“बाल संस्कार केंद्र केवल शिक्षा देने का स्थान नहीं, बल्कि यहां बच्चों के मन में देशभक्ति, अनुशासन और संस्कार का बीज बोया जाता है। स्वतंत्रता दिवस जैसे पर्व बच्चों को अपने देश, संस्कृति और समाज से जोड़े रखने का माध्यम हैं।”
सेवाभारती के बाल संस्कार केंद्र: जहां संस्कार और शिक्षा मिलकर बनाते हैं उज्ज्वल भविष्य
बाल संस्कार केंद्र सेवाभारती का वह प्रकल्प है जो वंचित और जरूरतमंद बच्चों के लिए शिक्षा का द्वार खोलता है। यहां न केवल किताबों का ज्ञान दिया जाता है, बल्कि बच्चों को अच्छे संस्कार, अनुशासन, और जीवन मूल्यों का पाठ पढ़ाया जाता है।
- निःशुल्क शिक्षा: हिंदी, गणित, सामान्य ज्ञान।
- संस्कार गतिविधियां: प्रार्थना, देशभक्ति गीत, श्लोक, योग।
- सांस्कृतिक आयोजन: त्योहार, राष्ट्रीय पर्व और समाजिक कार्यक्रम।
- सहायता: किताबें, स्टेशनरी, वस्त्र और स्वास्थ्य जांच।
यह केंद्र बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ आत्मविश्वास और सामाजिक जिम्मेदारी का भी पाठ पढ़ाते हैं।
सेवा भारती बाली जिले के इन बाल संस्कार केंद्रों में स्वतंत्रता दिवस का आयोजन सिर्फ एक पर्व नहीं था, बल्कि यह देशप्रेम, संस्कार और सेवा भावना का अद्भुत संगम था। भामाशाहों का सहयोग, शिक्षिकाओं की मेहनत और बच्चों का उत्साह इस आयोजन को हमेशा के लिए यादगार बना गया।














