हर घर गली मनाए शिक्षक दिवस – ठा. कान सिंह चिमनपुरा

- चिमनपुरा
आज सम्पूर्ण भारत भूतपूर्व डा.श्री राधाकृष्ण जी के जन्म दिवस को शिक्षक दिवस के रूप में माना रहा हैं। डा श्री राधाकृष्ण ने शिक्षक पद से राष्ट्रपति पद को शोभायमान किया और समाज को नई दिशा देने की प्रेरणा दी। विशेषकर शिक्षा जगत से जुड़े सभी साथियों को उनका संदेश था की शिक्षा के साथ संस्कार, चरित्र और सद्भावना का संचार अपने शिष्यों में करे क्योंकि आज के बाल कल के भारत के भाल होंगे।
इस अवसर पर चिमनपुरा गांव के ठा श्री कारण सिंह जी राणावत जो शिक्षक रहते हुए गांव में 1956 में ही अपने घर में विद्यालय प्रारंभ कर गांव की युवा पीढ़ी को शिक्षित करने का बीड़ा उठाया। उन की याद में आज शिक्षक दिवस पर आप के अनुज ठा कान सिंह जी चिमनपुरा ने अपने निवास स्थान पर शिक्षक सम्मान गोष्ठी का आयोजन किया गया। अपने उद्बोधन में कहा की शिक्षक दिवस हर घर गली मानना चाहिए। समाज को रह दिखाने का कार्य यदि कोई करता हैं तो वो शिक्षक ही हैं।

उनका का सम्मान यानी समाज में सकारात्मकता का संचार करना हैं। आगे बताते हैं की विशेषकर जिस भी घर का सदस्य शिक्षक रहा हो उन्हें तो इस विषय पर पहल करनी चाहिए। अपने गांव और गली में उत्सव मनाना चाहिए ताकि लोगों में शिक्षा और शिक्षक के प्रति जागरूकता आए। इस अवसर पर प्रधानाध्यापक मदन सिंह सिंदल चिमनपुरा ने डा श्री राधाकृष्ण और ठा श्री करण सिंह जी राणावत के जीवन परिचय और उनके जीवन से ली जा सकने वाली प्रेरणा से अवगत करवाया।
इस अवसर पर ठा श्री कान सिंह जी राणावत ने प्रधानाध्यापक मदन सिंह सिंदल चिमनपुरा, प्रधानाचार्य बाबू लाल गुर्जर चामुंडेरी रानावतन और अन्य शिक्षको को सम्मानित किया गया। इस गोष्ठी में मान सिंह , विक्रम सिंह, बधाराम, सेवानिवृत शिक्षक, आमंत्रित अतिथि गण, पूर्व और वर्तमान छात्र, ग्रामवासी आदि उपस्थित रहे।












