1100 गोबर के कंडों से जलेगी होली, आचार्य समाज का पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संदेश

Narendra Kumar Regar
- पुर (उपनगर)
पुर उपनगर में आचार्य समाज द्वारा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सराहनीय पहल करते हुए इस वर्ष भी गोबर के कंडों से होली जलाने का निर्णय लिया गया है। इसी क्रम में आचार्यों की हथाई के पास विधि-विधान से गोबर के कंडों से होली की स्थापना की गई।
समाज के प्रतिनिधियों ने बताया कि पिछले वर्ष से ही पर्यावरण प्रदूषण को ध्यान में रखते हुए हरे वृक्षों की कटाई नहीं करने और रबड़ के टायरों आदि से होली नहीं जलाने का संकल्प लिया गया था। पिछले वर्ष भी गोबर के कंडों से होली जलाई गई थी, जिसे समाज का भरपूर सहयोग मिला। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष होली के दिन 1100 गोबर के कंडों से होली दहन किया जाएगा।
समाजजनों का कहना है कि होली बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है, इसलिए इस पर्व को किसी को नुकसान पहुंचाए बिना और पर्यावरण को प्रदूषित किए बिना मनाना सभी की जिम्मेदारी है। गोबर के कंडों से होली जलाने से जहां पर्यावरण सुरक्षित रहेगा, वहीं हरे-भरे पेड़ों की कटाई पर भी रोक लगेगी।
साथ ही कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा जानबूझकर हरे वृक्षों की कटाई कर माहौल खराब करने तथा आसपास के घरों को नुकसान पहुंचाने की आशंका को देखते हुए प्रशासन को सूचित करने और ऐसे तत्वों को पाबंद करवाने का निर्णय भी लिया गया है।
आचार्य समाज की इस पहल को क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।











