7 से 13 अप्रैल तक सगस धाम में नवकुंडीय श्री महारुद्र महायज्ञ और शिव परिवार प्राण प्रतिष्ठा

सात दिवसीय सनातन धर्म महोत्सव में देशभर के संतों का होगा आगमन
भीलवाड़ा | लूनिया टाइम्स न्यूज
संवाददाता: प्रभुलाल लोहार
भीलवाड़ा जिले के हमीरगढ़ रेलवे स्टेशन के निकट चितौड़गढ़ नेशनल हाईवे पर स्थित छो बावड़ी सगस जी महाराज धाम, रत्नेश्वर महादेव मठ में 7 अप्रैल से 13 अप्रैल 2026 तक नवकुंडीय श्री महारुद्र महायज्ञ, शिव परिवार प्राण प्रतिष्ठा और सनातन धर्म पावन महोत्सव का भव्य आयोजन किया जाएगा। यह सात दिवसीय धार्मिक आयोजन परम पूज्य महंत 1008 साध्वी श्री देवगिरी जी के सान्निध्य में संपन्न होगा।
आयोजन समिति के अनुसार तैयारियां तेज गति से चल रही हैं। क्षेत्र के गांवों में उत्साह का माहौल है और देशभर से संत महात्माओं के आगमन की संभावना जताई जा रही है।
कार्यक्रमों की विस्तृत श्रृंखला
🔹 7 अप्रैल
- भव्य कलश यात्रा
- अखाड़ा प्रदर्शन
- नवकुंडीय महारुद्र यज्ञ का शुभारंभ
- नानी बाई का मायरा
🔹 8 और 9 अप्रैल
- महारुद्र यज्ञ
- नानी बाई का मायरा
- साध्वी श्री देवगिरी जी के मुखारविंद से प्रवचन
🔹 10 अप्रैल
- महारुद्र यज्ञ
- गो माता विवाह
- बगड़ावत कार्यक्रम
🔹 11 अप्रैल
- सायंकाल महाकाल की भव्य महाआरती
🔹 12 अप्रैल
- प्रातः 51 गांवों की प्रभात फेरी
- रात्रि 8 बजे से विशाल भजन संध्या
- भजन गायक महावीर सांखला
- जगदीश वैष्णव
🔹 13 अप्रैल
- यज्ञ की पूर्णाहुति
- महाप्रसादी के साथ समापन
सगस जी महाराज धाम की विशेष पहचान
छो बावड़ी सगस जी महाराज धाम अपनी आस्था और मान्यताओं के लिए प्रसिद्ध है। यहां पिछले 51 वर्षों से अखंड धूणा प्रज्वलित है। श्रद्धालु इसकी भभूत को चमत्कारी मानते हैं और दूर-दूर से दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
- प्रत्येक रविवार शाम 6 बजे दरबार आयोजित होता है
- यह मंदिर रेलवे लाइन के मध्य स्थित होने के कारण विशेष पहचान रखता है
- स्थानीय मान्यता है कि मंदिर के पास से ट्रेन गुजरने के बावजूद श्रृंगार के समय फूल तक नहीं हिलते
इतिहास से जुड़ी लोककथाओं के अनुसार अंग्रेजों के समय रेलवे लाइन बिछाने के दौरान पटरियों का मार्ग बार-बार बदल जाता था, जिसके बाद वर्तमान मार्ग निर्धारित किया गया।
श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील
आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं से इस धार्मिक महोत्सव में तन, मन और धन से सहयोग करने की अपील की है। समिति का कहना है कि यह आयोजन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति और सामाजिक एकता का प्रतीक है।
साथ ही लोगों से आग्रह किया गया है कि वे सोशल मीडिया के माध्यम से कार्यक्रम की जानकारी अधिक से अधिक साझा करें, ताकि ज्यादा से ज्यादा श्रद्धालु इस महायज्ञ और प्राण प्रतिष्ठा के दिव्य अवसर से जुड़ सकें।
7 से 13 अप्रैल तक सगस धाम भक्ति, वैदिक अनुष्ठानों और आध्यात्मिक वातावरण से गुंजायमान रहेगा। क्षेत्र की निगाहें अब इस भव्य आयोजन पर टिकी हैं।














