शाहपुरा न्यूज

झालरा महादेव मंदिर में 1009वें स्थापना दिवस पर तीन दिवसीय महाशिवरात्रि महोत्सव, भव्य आयोजन की तैयारियां जोरों पर

महाशिवरात्रि पर बनेड़ा के प्राचीन झालरा महादेव मंदिर में तीन दिवसीय महोत्सव का आयोजन होगा। भव्य सजावट, महाअभिषेक, सांस्कृतिक कार्यक्रम और भजन संध्या मुख्य आकर्षण रहेंगे। मंदिर का ऐतिहासिक महत्व और धार्मिक परंपराएं श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभव कराएंगी। तैयारियां जोरों पर हैं।

श्री झालरा महादेव व्यायामशाला एवं मन्दिर विकास ट्रस्ट, बनेड़ा के तत्वावधान में मन्दिर के 1009वे स्थापना दिवस के उपलक्ष में विशाल तीन दिवसीय शिवरात्रि महोत्सव 24 फरवरी सोमवार से शुरू होगा।

परमेश्वर कुमार दमामी
रिपोर्टर

परमेश्वर कुमार दमामी, संवाददाता - बनेड़ा

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  • लूनिया टाईम्स न्यूज़ बनेड़ा -परमेश्वर दमामी

    बनेड़ा क़स्बे में स्थित झालरा महादेव मंदिर विकास ट्रस्ट द्वारा महाशिवरात्रि जोरों- शोरों से मनाया जाएगी ,झालरा महादेव मंदिर विकास ट्रस्ट के अध्यक्ष शंकर लाल माली ने बताया क्षेत्र के प्रसिद्ध झालरा महादेव मंदिर मे महाशिवरात्रि मेले की तैयारीयां जोरों पर है। महाशिवरात्रि पर मन्दिर परिसर में आकर्षक लाईट डेकोरेशन, पुष्प सजावट और महाशिवरात्रि पर झालरा महादेव जी के प्रयागराज त्रिवेणी संगम के जल से महाअभिषेक की तैयारीयां चल रही है ।


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24 फरवरी को संगीतमय सुंदरकांड पाठ श्री झालरा महादेव मण्डल द्वारा, मंगलवार 25 फरवरी को रात 9:00 बजे से राजस्थानी लोक कलामण्डल उदयपुर की तारा भाटी एण्ड ग्रुप द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम (चरी नृत्य, कालबेलिया नृत्य, तेरहताली नृत्य, घूमर नृत्य, मयूर डांस, रिंग डांस, भवाई नृत्य, ग्रुप डांस और अनेक राजस्थानी प्रोग्राम) की प्रस्तुतिया दी जाएगी. बुधवार 26 फरवरी महाशिवरात्रि पर सुबह 9:15 शिव महाअभिषेक एवं सांय 7:15 बजे महाआरती व छप्पन भोग लगाया जायेगा और रात्रि 9.00 बजे विशाल भजन संध्या होगी जिसमें हेमलता वैष्णव,ओम धर्मावत (जो केवल भोले के भजनों से प्रसिद्ध है) एण्ड पार्टी द्वारा सुंदर-सुंदर भजनों प्रस्तुति दी जाएगी।

क्षेत्र के प्रसिद्ध झालरा महादेव मंदिर का इतिहास रहा कि यह बनेड़ा (राजपुर) स्थापना से भी प्राचीन मंदिर है, यहां स्वामी दयानंद जी सरस्वती का प्रवास रहा है और मध्यकाल में आक्रमण कारियों द्वारा प्रांगण में मूर्तियां खंडित करने के अवशेष है। यह मन्दिर गुप्तकालीन गर्भगृह शैली मे बना है, पास में स्थित प्राचीन गांव जो वर्तमान में जमीन में दबा हुआ है एक प्राचीन सभ्यता का अवशेष है

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