स्वतंत्रता दिवस 2025: पीएम मोदी का रिकॉर्ड 103 मिनट का भाषण, 10 बड़ी घोषणाएं
- नई दिल्ली, लाल किला
भारत के 79वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए कई ऐतिहासिक घोषणाएं कीं।
उनका भाषण 103 मिनट का रहा, जो अब तक के सबसे लंबे स्वतंत्रता दिवस भाषणों में शामिल है। इस भाषण में उन्होंने आत्मनिर्भर भारत, तकनीकी प्रगति, युवाओं के लिए रोजगार, रक्षा, ऊर्जा और आर्थिक सुधारों पर विशेष जोर दिया।
मुख्य घोषणाएं
1. मिशन “सुवर्ण चक्र”
भारत में पूरी तरह स्वदेशी लड़ाकू विमान बेड़ा विकसित करने का लक्ष्य। अगले 5 वर्षों में भारतीय वायुसेना में Made-in-India फाइटर जेट्स शामिल होंगे।
2. ₹1 लाख करोड़ का राष्ट्रीय युवा रोजगार कोष
देशभर के युवाओं को नए स्टार्टअप, स्किल डेवलपमेंट और उद्यमिता योजनाओं में वित्तीय सहायता देने के लिए विशाल रोजगार फंड की घोषणा।
3. जीएसटी सुधार
छोटे व्यापारियों और MSMEs के लिए टैक्स संरचना को सरल बनाने और रेट में कटौती के संकेत। वित्त मंत्री जल्द ही नया फ्रेमवर्क पेश करेंगे।
4. रक्षा और अंतरिक्ष क्षेत्र में आत्मनिर्भरता
ड्रोन, मिसाइल और सैटेलाइट तकनीक में 100% घरेलू उत्पादन का रोडमैप।
5. इंडिजेनियस सेमीकंडक्टर मिशन
भारत में चिप मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए 10 नए प्लांट की योजना, जिससे इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में आयात पर निर्भरता घटेगी।

6. ऊर्जा क्षेत्र में क्रांति
सोलर और ग्रीन हाइड्रोजन पर केंद्रित राष्ट्रीय हरित ऊर्जा मिशन की शुरुआत।
7. ग्रामीण विकास 2.0
गांवों में स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल कनेक्टिविटी और स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए ₹75,000 करोड़ की योजना।
8. कृषि में तकनीकी सुधार
AI और ड्रोन आधारित खेती के लिए विशेष अनुदान और प्रशिक्षण कार्यक्रम।
9. डिजिटल इंडिया 2.0
5G और 6G तकनीक के व्यापक विस्तार के साथ ग्रामीण क्षेत्रों तक हाई-स्पीड इंटरनेट की पहुंच।
10. महिला सशक्तिकरण मिशन
महिलाओं के लिए उद्यमिता कोष, सुरक्षा ऐप, और प्रोफेशनल स्किल डेवलपमेंट योजनाएं।
भाषण की खास बातें
- पीएम मोदी ने कहा कि “2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र” बनाने का संकल्प लिया गया है।
- उन्होंने देशवासियों को “आत्मनिर्भरता को राष्ट्रीय कर्तव्य” मानने की अपील की।
- विपक्ष पर भी अप्रत्यक्ष हमला करते हुए कहा कि “भारत की प्रगति पर नकारात्मक राजनीति हावी नहीं होने देंगे”।
जन प्रतिक्रिया
भाषण के बाद सोशल मीडिया पर #IndependenceDay2025 और #ModiSpeech ट्रेंड करने लगे। समर्थकों ने इसे “विजनरी ब्लूप्रिंट” बताया, जबकि विपक्ष ने इसे “चुनावी घोषणा पत्र” करार दिया।
विशेषज्ञों का मानना है कि ये घोषणाएं अगर जमीन पर उतरती हैं तो अगले 5–10 वर्षों में भारत आर्थिक और तकनीकी रूप से बड़ी छलांग लगा सकता है। विशेष रूप से रोजगार और रक्षा क्षेत्र में इसका सीधा असर दिख सकता है।













