विवेकानंद जयंती 2026: मुंडारा की वाल्मीकि बस्ती में सरस्वती संस्कार केंद्र का भव्य शुभारंभ, शिक्षा के साथ संस्कारों की नई शुरुआत

विवेकानंद जयंती पर संस्कार और शिक्षा का संकल्प
मुंडारा की वाल्मीकि बस्ती में सरस्वती संस्कार केंद्र का शुभारंभ
सादड़ी | 12 जनवरी 2026
स्वामी विवेकानंद जयंती के पावन अवसर पर सरस्वती विद्या मंदिर उच्च माध्यमिक सादड़ी द्वारा
मुंडारा स्थित वाल्मीकि बस्ती में सरस्वती संस्कार केंद्र का विधिवत शुभारंभ किया गया।
यह केंद्र समाज के बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ संस्कार, अनुशासन और भारतीय सांस्कृतिक
मूल्यों से जोड़ने की दिशा में एक सशक्त पहल है।
कार्यक्रम का शुभारंभ संकुल प्रमुख एवं प्रधानाचार्य
श्री मनोहर लाल जी सोलंकी
द्वारा संस्कार केंद्र के देवस्थान पर दीप प्रज्वलन एवं मंत्रोच्चारण के साथ किया गया।
इस दौरान वातावरण में आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मक भाव स्पष्ट रूप से अनुभव किए गए।

इस अवसर पर काजल सोलंकी, आचार्य सरस्वती विद्या मंदिर सादड़ी द्वारा प्रधानाचार्य का परिचय
प्रस्तुत किया गया तथा उपस्थित अभिभावकों को संस्कार केंद्र के उद्देश्य, कार्यप्रणाली
और महत्व की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि यह केंद्र बच्चों में नैतिकता,
संस्कार, सदाचार एवं राष्ट्रभक्ति के भाव विकसित करेगा।
अपने संबोधन में श्री मनोहर लाल जी सोलंकी ने कहा कि
आज की शिक्षा व्यवस्था में संस्कारों का समावेश अत्यंत आवश्यक है। संस्कार केंद्र
बच्चों के सर्वांगीण विकास, चरित्र निर्माण और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना जागृत
करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने अभिभावकों से अधिक से अधिक भैया-बहनों को इस केंद्र
से जोड़ने का आग्रह किया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अभिभावकों ने इस पहल की सराहना करते हुए अपने बच्चों को
नियमित रूप से संस्कार केंद्र भेजने का संकल्प लिया। बस्ती में इस केंद्र के शुभारंभ को
लेकर उत्साह और सकारात्मक वातावरण देखने को मिला।
सरस्वती विद्या मंदिर उच्च माध्यमिक सादड़ी द्वारा आरंभ किया गया यह सरस्वती संस्कार
केंद्र आने वाले समय में शिक्षा, संस्कार और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में एक
महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।











