5 साल से अधूरा “कोठारी नदी ब्रिज” बना सिरदर्द, शॉर्टकट रास्ता बन रहा हादसों की वजह
लूनिया टाइम्स न्यूज संवाददाता प्रभुलाल लुहार

भीलवाड़ा।
भीलवाड़ा–शाहपुरा मुख्य मार्ग पर स्थित कोठारी नदी पर बन रहा पुल पिछले पांच वर्षों से अधूरा पड़ा है, जिससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह मार्ग शाहपुरा और बड़ामहुआ होते हुए सांगानेर की ओर जाने वाले हजारों वाहनों के लिए प्रमुख कनेक्टिविटी रूट है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, पुल निर्माण कार्य लंबे समय से रुका हुआ है। इससे न केवल मुख्य मार्ग बाधित है, बल्कि आसपास के क्षेत्रों का यातायात भी अव्यवस्थित हो गया है। रोजाना हजारों वाहन इस रास्ते से गुजरते हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग और ठेकेदार की सुस्ती के चलते काम अधूरा ही पड़ा है।

पुल अधूरा होने के कारण मस्जिद के पीछे से एक वैकल्पिक शॉर्टकट मार्ग बनाया गया है। शुरुआत में यह राहत का रास्ता था, लेकिन अब इसकी हालत बेहद खराब हो चुकी है। सड़क पर गहरे गड्ढे, उखड़ी डामर और धूल-मिट्टी के कारण यह रास्ता हादसों का केंद्र बन गया है। खासकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह मार्ग जोखिम भरा साबित हो रहा है।
इस मार्ग से स्कूल बसें, एंबुलेंस, व्यापारिक वाहन और ग्रामीण यातायात लगातार गुजरता है। खराब सड़क के कारण मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना मुश्किल हो रहा है, वहीं बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों में चिंता बढ़ गई है।
रात के समय पर्याप्त रोशनी नहीं होने से स्थिति और गंभीर हो जाती है। गड्ढों में पानी भर जाने पर रास्ता पहचानना मुश्किल हो जाता है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि कोठारी नदी पुल का निर्माण कार्य जल्द पूरा किया जाए और जब तक पुल तैयार नहीं होता, तब तक वैकल्पिक मार्ग को दुरुस्त कर सुरक्षित बनाया जाए। लोगों ने चेतावनी दी है कि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।













