एकलिंगपुरा-माकड़िया लिंक रोड की हालत बदहाल: कीचड़, जलभराव और गड्ढों से ग्रामीणों की राह मुश्किल

सहाड़ा (राजसमंद)। सहाड़ा रायपुर विधानसभा क्षेत्र में सुवाणा और सहाड़ा पंचायत समितियों को जोड़ने वाली एकलिंगपुरा से माकड़िया लिंक रोड की स्थिति अत्यंत खराब हो गई है। यह मुख्य संपर्क मार्ग बारिश के चलते दलदल में तब्दील हो चुका है, जिससे क्षेत्र के सैकड़ों ग्रामीणों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
जलभराव और गड्ढों में तब्दील हुई सड़क
यह सड़क सुवाणा पंचायत समिति के एकलिंगपुरा गांव से शुरू होकर सहाड़ा पंचायत समिति के माकड़िया गांव तक जाती है और हाईवे 758 से जुड़ती है, जो ग्रामीणों के लिए मुख्य संपर्क मार्ग है। लेकिन पिछले कुछ महीनों से इस सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे, कीचड़, और पानी का भराव बना हुआ है। बरसात में हालात और भी बदतर हो गए हैं, जिससे सड़क पूरी तरह जलमग्न होकर दुर्घटनाओं को न्योता दे रही है।
रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित, स्कूली बच्चों को खतरा
ग्रामीणों का कहना है कि यह मार्ग रोजाना स्कूल जाने वाले बच्चों, नौकरीपेशा लोगों, किसानों और महिलाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। लेकिन वर्तमान में पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है, और दोपहिया वाहन चालकों को गिरने का खतरा बना हुआ है।
बुजुर्ग, महिलाएं और बीमार व्यक्तियों को खास तौर पर आवागमन में परेशानी हो रही है।

स्थानीय नागरिकों ने उठाई आवाज
तुलसी राम सेन, प्रहलाद सेन, सरवन सेन, राजमल प्रजापत, जमनालाल सुथार, गोपाल चोहान, गणपत सुथार, मुकेश प्रजापत, कैलाश चौहान, मदन सुथार, लालाराम शर्मा और सूर्य प्रकाश शर्मा सहित दर्जनों ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को शिकायत दी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
स्थानीय मांगें और सुझाव
- सड़क की तत्काल मरम्मत और समतलीकरण कराया जाए
- बारिश के पानी की निकासी के लिए साइफन और नाली जैसी स्थायी व्यवस्था बनाई जाए
- इस मार्ग को सीमेंट कंक्रीट (CC रोड) या डामर से स्थायी रूप से पक्का बनाया जाए
- स्कूली वाहनों और एम्बुलेंस के निर्बाध आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए
प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि यह मार्ग विधानसभा क्षेत्र के दो मुख्य पंचायत क्षेत्रों को जोड़ता है, और इतने वर्षों से इसकी अनदेखी करना जनहित की अनदेखी है। उनका मानना है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो वे धरना-प्रदर्शन या जन आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
एकलिंगपुरा-माकड़िया लिंक रोड की यह स्थिति केवल एक ग्रामीण सड़क की खराब हालत नहीं, बल्कि सरकारी योजनाओं की जमीनी सच्चाई को दर्शाती है। ग्रामीण विकास की बात तब ही सार्थक हो सकती है जब आवागमन के मूलभूत ढांचे मजबूत हों। समय रहते इस सड़क की मरम्मत और पुनर्निर्माण न किया गया तो यह समस्या आने वाले समय में जन आक्रोश का कारण बन सकती है।













