पंच परिवर्तन से ही देश और समाज शक्तिशाली बनेगा – विजय आनंद
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा नोहर में रक्षा बंधन उत्सव, समरस समाज निर्माण का लिया संकल्प

नोहर के तुलसी महाप्रज्ञ भवन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा रक्षा बंधन उत्सव का आयोजन।
प्रांत प्रचारक विजय आनंद ने पंच परिवर्तन – कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण, नागरिक कर्तव्य, स्वदेशी और सामाजिक समरसता – के माध्यम से राष्ट्र निर्माण का आह्वान किया।
नोहर| नोहर के तुलसी महाप्रज्ञ भवन में रविवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा रक्षा बंधन उत्सव बड़े ही उत्साह, पारंपरिक गरिमा और सांस्कृतिक भावनाओं के साथ मनाया गया।
इस अवसर पर जोधपुर प्रांत के प्रांत प्रचारक विजय आनंद ने मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित होकर अपने प्रेरक संबोधन में कहा कि “राष्ट्र और समाज को सशक्त बनाने के लिए पांच प्रमुख क्षेत्रों में परिवर्तन लाना अत्यंत आवश्यक है, जिन्हें हम पंच परिवर्तन कहते हैं।”
पंच परिवर्तन का राष्ट्र जागरण में योगदान
विजय आनंद ने संघ के शताब्दी वर्ष को एक ऐतिहासिक अवसर बताते हुए कहा कि कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, नागरिक कर्तव्य, स्वदेशी का भाव और सामाजिक समरसता – इन पांच आयामों में परिवर्तन लाकर ही हम एक मजबूत और जागरूक राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं।
- 1. कुटुंब प्रबोधन
परिवार को संस्कारित, एकजुट और मूल्य आधारित बनाना समाज की पहली जरूरत है। परिवार ही वह आधार है, जहां से संस्कार और जिम्मेदारी का बोध शुरू होता है।
- 2. पर्यावरण संरक्षण
विकास और प्रकृति के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है। वृक्षारोपण, जल संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण जैसे कार्य केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य हैं।
- 3. नागरिक कर्तव्य
अधिकारों के साथ कर्तव्यों का पालन हर नागरिक को करना चाहिए। समय पर कर भुगतान, कानून का पालन और सामाजिक जिम्मेदारी निभाना हर व्यक्ति का धर्म है।
- 4. स्वदेशी का भाव
देश में निर्मित वस्तुओं का उपयोग और स्थानीय उद्योगों को प्रोत्साहन राष्ट्र की आर्थिक शक्ति को बढ़ाता है। यह आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
- 5. सामाजिक समरसता
समाज में जाति-पांति और छुआछूत का कोई स्थान नहीं होना चाहिए। एक समरस, एकजुट और भेदभाव रहित समाज ही राष्ट्र की वास्तविक शक्ति है।
समाज में भेदभाव मिटाना ही उद्देश्य
विजय आनंद ने कहा – “हमारा लक्ष्य है कि समाज में किसी भी प्रकार का ऊंच-नीच, भेदभाव या अलगाव न रहे। जब हम जातिगत दीवारें गिरा देंगे, तभी सच्ची एकता संभव होगी।”
कार्यक्रम में अन्य प्रमुख हस्तियां
कार्यक्रम की अध्यक्षता राजकीय महाविद्यालय, नोहर के प्राचार्य डॉ. अमर सिंह मुनपरिया ने की।
राजकीय कन्या महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. सरोज न्यौल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं और उन्होंने समाज में महिला सशक्तिकरण एवं शिक्षा के महत्व पर अपने विचार रखे।
रक्षा बंधन का सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व
इस अवसर पर सैकड़ों की संख्या में गणमान्य नागरिक, माताएं-बहनें और स्वयंसेवक मौजूद रहे। सभी ने एक-दूसरे को रक्षा सूत्र बांधकर यह संकल्प लिया कि वे समाज में प्रेम, भाईचारा और आपसी सहयोग को बढ़ावा देंगे तथा किसी भी परिस्थिति में एक-दूसरे का साथ नहीं छोड़ेंगे।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख गणमान्य
भारतमाता आश्रम के महंत रामनाथ अवधूत, जिला प्रचारक राधेश्याम, सह जिला कार्यवाह सुरेंद्र सुथार, खंड कार्यवाह कमल शर्मा, खंड विस्तारक टीकूराम, नगर कार्यवाह रमेश पारीक, वैद्य कैलाश पंडा, मनीष स्वामी, कान्हा अग्रवाल, उमेश कुमार, अन्य संघ कार्यकर्ता और स्थानीय समाजसेवी
साध्वी सुदर्शना श्रीजी का पावन सानिध्य
कार्यक्रम की आध्यात्मिक गरिमा तब और बढ़ गई, जब साध्वी सुदर्शना श्रीजी ने अपने पावन सानिध्य से उपस्थित जनों को आशीर्वाद प्रदान किया। उनकी प्रेरणादायक उपस्थिति ने कार्यक्रम को एक आध्यात्मिक ऊंचाई प्रदान की।













