पुस्तकालय विद्यालय का ह्रदय, इसका क्रियाशील रहना जरूरी – माली

- सादड़ी।
पुस्तकालय विद्यालय का ह्रदय है, इसका क्रियाशील रहना जरूरी है।
पुस्तकालय के प्रभावी संचालन से विद्यार्थियों में पुस्तक पढ़ने की संस्कृति उत्पन्न होती है जो सीखने में सहायक है। उक्त उद्गार प्रधानाचार्य विजय सिंह माली ने स्थानीय पीएम श्री श्री धनराज बदामिया राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय सादड़ी में राष्ट्रीय पुस्तकालय दिवस पर आयोजित विचार गोष्ठी में व्यक्त किए।
माली ने पुस्तकालय विज्ञान के जनक रंगनाथन को याद करते हुए उनके पांच सूत्रों पर प्रकाश डाला।इस अवसर पर पुस्तकालय प्रभारी मनीषा सोलंकी ने पुस्तकों को सर्वश्रेष्ठ मित्र बताते हुए कहा कि पुस्तकालय के द्वार सभी विद्यार्थियों के लिए खुले हैं,वे निःसंकोच आए तथा पुस्तकें प्राप्त करें।इस अवसर पर मधु गोस्वामी कन्हैयालाल मनीषा ओझा सरस्वती पालीवाल ने भी विचार व्यक्त किए।

इस अवसर पर सर्वश्रेष्ठ पाठकों को प्रधानाचार्य विजय सिंह माली ने सम्मानित किया। पुस्तकालय सह प्रभारी वीरम राम चौधरी ने आभार व्यक्त किया।मंच संचालन प्रकाश कुमार शिशोदिया ने किया।इस अवसर पर रमेश सिंह राजपुरोहित रमेश कुमार वछेटा सुशीला सोनी केना राम गजेन्द्र सिंह पुरुषोत्तम समेत समस्त स्टाफ उपस्थित रहा। उल्लेखनीय है कि पुस्तकालय विज्ञान के जनक रंगनाथन के जन्मदिन को राष्ट्रीय पुस्तकालय दिवस के रूप में मनाया जाता है।













