सेसली ध्वजा: आस्था,अनुशासन और दृढ़ संकल्प का प्रतीक

सेसली में ध्वजा महोत्सव पूर्णतः आध्यात्मिक वातावरण में, माननीय न्यायालय के आदेशों की अक्षरशः पालना करते हुए पूर्व निर्धारित दिवस दिनांक 20 फरवरी 2026 की मंगल बेला में सम्पन्न हुआ। 17 फरवरी 2026 को न्यायालय का स्पष्ट निर्देश था कि “अगली तिथि तक मंदिर में ध्वजारोहण की प्रक्रिया की नीलामी प्रतिबंधित रहेगी “, और श्रीसंघ ने कानून के प्रति अपनी निष्ठा दर्शाते हुए बिना किसी विचलन के उस आदेश का पालन किया।माननीय न्यायालय में अगली सुनावाई 23 मार्च 2026 को होगी।
आचार्य भगवंत की पावन निश्रा सह मार्गदर्शन तथा सकल संघ के साथ में श्रीसंघ के वरिष्ठ सदस्यों द्वारा ध्वजा कार्यक्रम विधिवत सम्पन्न हुआ, जो अनुशासन और मर्यादा का अनुपम उदाहरण है।ध्वजारोहण के दिन ट्रस्टमण्डल ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने हेतु पुलिस प्रशासन को निवेदन किया था, ताकि इस मंगल अवसर पर कोई अवांछित तत्व विघ्न न डाल सके। पुलिस ने अपनी जिम्मेदारी का ईमानदारी से निर्वहन किया और पूरा कार्यक्रम शांति व गरिमा के साथ सम्पन्न हुआ।
विशेष उल्लेखनीय है कि उकसावे और भ्रामक प्रयासों के बावजूद ट्रस्टमण्डल एवं श्रीसंघ के सदस्यों ने अद्भुत संयम, सहनशीलता और परिपक्वता का परिचय दिया। उन्होंने यह सिद्ध कर दिया कि धर्म का मार्ग उत्तेजना नहीं, बल्कि धैर्य और मर्यादा से प्रशस्त होता है। वे सभी साधुवाद और बधाई के पात्र हैं।
किन्तु अत्यंत खेद का विषय है कि कार्यक्रम के पश्चात कुछ समाज एवं धर्म विरोधी तत्व सोशल मीडिया पर असत्य, भ्रामक और मनगढ़ंत अफवाहें फैलाकर वातावरण को दूषित करने,समाज को बाँटने और धर्म को बदनाम करने का कुत्सित प्रयास कर रहे हैं। ऐसे लोग न तो धर्म के हितैषी हैं और न ही समाज के। उनका उद्देश्य केवल भ्रम फैलाना और एकता को आघात पहुँचाना है।
सभी धर्मप्रेमियों से मेरी दृढ़ और स्पष्ट अपील है कि ऐसी अफवाहों पर तनिक भी ध्यान न दें। किसी भी अपुष्ट सूचना को आगे बढ़ाकर दुष्प्रचार का हिस्सा न बनें। याद रखिए, असत्य का साथ देना भी उतना ही बड़ा अपराध है जितना उसे गढ़ना। धर्म और समाज की गरिमा सर्वोपरि है। सतर्क रहें, सजग रहें और अपने धर्म की प्रतिष्ठा की रक्षा के लिए एकजुट रहें। जो लोग समाज को बाँटने का प्रयास कर रहे हैं, उन्हें यह समझ लेना चाहिए कि सत्य और एकता की शक्ति के सामने उनका हर षड्यंत्र विफल होगा।
सत्य को रेखांकित करते हुए जिनाज्ञा विरुद्ध कुछ कहने में आया हो, या किसी को भी शाब्दिक ठेस लगी हो तो अंतर्मन से मिच्छामी दुक्कडम 🙏
जयंतीलाल रांका
उपाध्यक्ष: श्री ओसवाल श्वेतांबर मूर्तिपूजक तपागच्छ जैन संघ बाली














