राज्य कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए मुख्यमंत्री की सौगात: महंगाई भत्ते में 2 प्रतिशत वृद्धि

जयपुर। नववर्ष विक्रम संवत 2082 और नवीन वित्तीय वर्ष 2025-26 के अवसर पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य के कर्मचारियों और पेंशनर्स को विशेष सौगात दी है। मुख्यमंत्री ने महंगाई भत्ते (डीए) में 2 प्रतिशत की वृद्धि को मंजूरी दी है। इस निर्णय से लगभग 12.40 लाख कर्मचारी एवं पेंशनर्स लाभान्वित होंगे।
केंद्र सरकार की तर्ज पर राज्य में महंगाई भत्ता वृद्धि
गत शुक्रवार को केंद्र सरकार द्वारा केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में वृद्धि की घोषणा की गई थी। इसी के अनुरूप मुख्यमंत्री ने पहले ही कार्यदिवस पर इस वृद्धि को राज्य कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए भी स्वीकृति प्रदान कर दी। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को वित्त विभाग के प्रस्ताव का अनुमोदन किया और इसे तत्काल प्रभाव से लागू करने का निर्देश दिया।
नई दरें और लाभार्थी वर्ग
मुख्यमंत्री के निर्णय के अनुसार, 1 जनवरी 2025 से सातवें वेतनमान के अंतर्गत महंगाई भत्ता 53 प्रतिशत से बढ़ाकर 55 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे राज्य सरकार के लगभग 8 लाख कर्मचारियों एवं 4.40 लाख पेंशनर्स को सीधा लाभ मिलेगा। पंचायत समिति एवं जिला परिषद के कर्मचारी भी इस बढ़ोतरी का लाभ प्राप्त करेंगे। पेंशनर्स को भी 2 प्रतिशत महंगाई राहत (डीआर) बढ़ोतरी दी जाएगी।
वेतन और पेंशन भुगतान व्यवस्था
- बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता मई 2025 के वेतन के साथ अप्रैल 2025 से नकद भुगतान किया जाएगा।
- 01 जनवरी से 31 मार्च 2025 तक की अवधि का बकाया डीए कर्मचारियों के सामान्य प्रावधायी निधि (GPF) खाते में जमा किया जाएगा।
- पेंशनर्स को 01 जनवरी 2025 से बढ़ी हुई दरों पर महंगाई राहत का नकद भुगतान किया जाएगा।
राज्य सरकार पर वित्तीय प्रभाव
राज्य कर्मचारियों और पेंशनर्स के हित में लिए गए इस संवेदनशील निर्णय से राज्य सरकार पर लगभग 820 करोड़ रुपये का वार्षिक वित्तीय भार पड़ेगा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा लिया गया यह निर्णय कर्मचारियों और पेंशनर्स के कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह बढ़ोतरी न केवल कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करेगी, बल्कि राज्य में वित्तीय स्थिरता को भी बनाए रखने में सहायक होगी।