नलवानिया और सादड़ी-रणकपुर बांध ओवरफ्लो: किसानों में खुशी की लहर

नलवानिया बांध ओवरफ्लो, सादड़ी बांध जलस्तर, रणकपुर बारिश समाचार, सादड़ी में मानसून, राजस्थान बांध भराव, किसानों की खुशहाली
सादड़ी (पाली), 15 जुलाई 2025: सावन के पहले सोमवार को अरावली की पहाड़ियों में मूसलाधार बारिश हुई, जिससे सादड़ी क्षेत्र के प्रमुख जलस्रोत नलवानिया बांध और रणकपुर-सादड़ी बांध ओवरफ्लो हो गए। इससे क्षेत्र में किसानों के चेहरों पर मुस्कान लौट आई है।
मानसून की सक्रियता से जलस्रोतों में शानदार आवक
अल सुबह से जारी तेज बारिश से नदियों-नालों में भारी पानी की आवक हुई। सुबह 9 बजे नलवानिया बांध पूरी तरह भरकर ओवरफ्लो हो गया जिसकी भराव क्षमता 5.5 मीटर है। इसके पश्चात रणकपुर-सादड़ी बांध भी ओवरफ्लो हो गया।
बांधों में दर्ज जलस्तर की जानकारी
| बांध का नाम | जलस्तर (फीट) |
|---|---|
| राजपुरा | 12.50 |
| मुठाना | 7.70 |
| सेली की नाल | 11.20 |
| लाटाड़ा | 29 |
| जुणा मालारी | 10 |
| घोड़ाधड़ा | 5 |
| हरीओम सागर | 24 |
| केसुली | 2 |
कृषि भूमि को मिला सिंचाई का सहारा
जल संसाधन विभाग बाली के सहायक अभियंता रोहित चौधरी ने बताया कि इन बांधों में आए पानी से सादड़ी, प्रतापगढ़, मीणों का झुंपा, मोड़िया और भादरास क्षेत्र की 1300 एकड़ कृषि भूमि को दो बार सिंचाई योग्य पानी मिलेगा।
विजय वल्लभ पुलिया पर बहता पानी
बारिश के कारण मंगाई नदी का जलस्तर इतना बढ़ गया कि देर शाम विजय वल्लभ पुलिया से पानी बहता नजर आया, जिससे लोग रोमांचित हुए।
कृषकों को राहत और उम्मीद
- सिंचाई योग्य पानी उपलब्ध हुआ।
- पेयजल संकट की आशंका टली।
- भूमिगत जल स्तर में सुधार की संभावना।
- खरीफ फसलों के बेहतर उत्पादन की उम्मीद।
सावन के आगमन के साथ ही सादड़ी क्षेत्र में हुई जोरदार बारिश ने क्षेत्रीय बांधों को भर दिया है, जिससे किसानों को बहुत बड़ी राहत मिली है। यह वर्षा पूरे क्षेत्र के लिए आशाजनक और समृद्धिपूर्ण भविष्य की ओर संकेत करती है।
FAQs: बारिश और बांध से जुड़े सवाल
Q1: नलवानिया बांध की जलधारण क्षमता कितनी है?
A: नलवानिया बांध की कुल भराव क्षमता 5.5 मीटर है और इस बार यह पूरी तरह भरकर ओवरफ्लो हो गया।
Q2: रणकपुर-सादड़ी बांध में कितनी जल उपलब्धता रही?
A: इस बांध में जल उपलब्धता 205 MCFt दर्ज की गई, जो इसकी भराव क्षमता 62.70 फीट के लगभग है।
Q3: कौन-कौन से इलाके सिंचाई से लाभान्वित होंगे?
A: सादड़ी, प्रतापगढ़, मीणों का झुंपा, मोड़िया और भादरास जैसे क्षेत्रों की लगभग 1300 एकड़ कृषि भूमि लाभान्वित होगी।












