ममता जाट को हटाने की कार्रवाई पर भड़के शोभाराम तोगड़ा, बोले— “जाट समाज की बेटियां झुकने वाली नहीं”

- बनेड़ा
राजस्थान मेवाड़ जाट महासभा भीलवाड़ा के महामंत्री शोभाराम तोगड़ा ने ग्राम पंचायत पण्डेर की पूर्व सरपंच एवं प्रशासक ममता जाट को पद से हटाए जाने की कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे “ *नारी शक्ति को दबाने की राजनीतिक साजिश”* बताया है।
उन्होंने कहा कि सरकार एक ओर महिला सशक्तिकरण और बेटियों को आगे बढ़ाने की बातें करती है, वहीं दूसरी ओर जब जाट समाज की कोई बेटी जनता के बीच अपनी मजबूत पहचान बनाती है तो उसे राजनीतिक द्वेष का शिकार बनाया जाता है।
शोभाराम तोगड़ा ने कहा कि “ हमारी बेटी झुकने वाली नहीं है। जाट समाज की बेटियों ने पहले भी संघर्ष किया है और आज भी हर लड़ाई लड़ने के लिए पूरी ताकत से तैयार हैं।”
उन्होंने कहा कि ममता जाट को हटाना केवल एक महिला जनप्रतिनिधि पर कार्रवाई नहीं, बल्कि पूरे जाट समाज के सम्मान और स्वाभिमान को चुनौती देने जैसा है। समाज की बेटियों को डराने और दबाने की कोशिश करने वालों को यह समझ लेना चाहिए कि अब बेटियां चुप बैठने वाली नहीं हैं।

तोगड़ा ने आरोप लगाया कि ममता जाट की बढ़ती राजनीतिक सक्रियता और जनता के बीच मजबूत पकड़ से कुछ लोग घबराए हुए हैं। इसी कारण प्रशासनिक कार्रवाई की आड़ में उन्हें प्रताड़ित करने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जाट समाज अपनी बेटी के सम्मान पर किसी भी प्रकार की चोट बर्दाश्त नहीं करेगा। यदि समाज की बेटियों को इसी तरह राजनीतिक साजिशों का निशाना बनाया गया तो जाट समाज सड़क से लेकर सदन तक बड़ा आंदोलन करेगा।
उन्होंने आगे कहा कि “हमारी बेटियां कमजोर नहीं, संघर्ष की मिसाल हैं। इतिहास गवाह है कि जाट समाज की महिलाओं ने हर कठिन समय में संघर्ष किया है और आज भी अन्याय के खिलाफ डटकर खड़ी हैं। ममता जाट भी इस लड़ाई में पीछे हटने वाली नहीं हैं और पूरा समाज उनके साथ मजबूती से खड़ा है।”
शोभाराम तोगड़ा ने यह भी कहा कि ममता जाट ने अपने कार्यकाल में ग्राम पंचायत में चहुंमुखी विकास कार्य करवाए हैं, जिनकी चर्चा आज भी क्षेत्र में होती है। यही विकास और जनता के बीच उनकी लोकप्रियता कुछ लोगों को रास नहीं आ रही है।














