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“झालावाड़ की चीखें अभी थमी नहीं… और बाली के चामुंडेरी में मौत को न्यौता दे रहा स्कूल!” डीके देवासी की रिपोर्ट

🟥 ब्रेकिंग न्यूज | लूनिया टाइम्स


बाली क्षेत्र के चामुंडेरी गांव के महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल की हालत खस्ता, ढही स्कूल की दीवार – बच्चों का भविष्य खतरे में!

  • 🖊️ रिपोर्टर: डी.के. देवासी, लूनिया टाइम्स

🔴 स्कूल भवन जर्जर, सुविधाओं का अभाव – सरकारी दावों की खुली पोल

बाली क्षेत्र के चामुंडेरी गांव में स्थित महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम विद्यालय की स्थिति बेहद चिंताजनक और खतरनाक होती जा रही है। एक तरफ सरकार मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी ओर इस इंग्लिश मीडियम स्कूल की हालत ऐसी है कि वहाँ बच्चों का बैठना तक सुरक्षित नहीं है।

टूटी दीवारें, गिरते छत के टुकड़े, शौचालय और रसोई घर का अभाव – यह सब कुछ किसी वीरान खंडहर की तस्वीर पेश करते हैं। विद्यालय में कहीं से भी एक सुरक्षित, सुसज्जित और शिक्षा के योग्य वातावरण नहीं दिखता।


🧒🏻 167 से घटकर 25 बच्चे – भविष्य के साथ मजाक!

जब यह विद्यालय प्रारंभ हुआ था, तब इसमें 167 छात्र-छात्राएँ नामांकित थे। लेकिन आज की भयावह स्थिति यह है कि मात्र 20-25 बच्चे ही स्कूल आ रहे हैं। भवन की खतरनाक स्थिति, बुनियादी सुविधाओं का अभाव और प्रशासन की बेरुखी के चलते अभिभावकों ने अपने बच्चों को इस विद्यालय से हटा लिया है।


📢 स्थानीय नेतृत्व का निरीक्षण – गहरा आक्रोश व्यक्त

इस संवेदनशील मुद्दे को लेकर ब्लॉक उपाध्यक्ष याकूब मोयला, समाजसेवी विक्रमसिंह देवड़ा, महेंद्रभाई दमानी और अन्य गणमान्य नागरिक विद्यालय का निरीक्षण करने पहुँचे। उन्होंने विद्यालय की जर्जर स्थिति को देखकर गहरा आक्रोश जताया और शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाए।

याकूब मोयला ने लूनिया टाइम्स को बताया:
“यह कैसी मुफ्त शिक्षा है जिसमें भवन ही नहीं है? बच्चों की जान खतरे में डालकर शिक्षा दी जा रही है। प्रशासन को तुरंत इस स्कूल की मरम्मत करनी चाहिए, वरना एक बड़ा हादसा कभी भी हो सकता है।”


📄 विद्यालय प्रशासन ने दिए लिखित ज्ञापन – कोई सुनवाई नहीं

विद्यालय के स्टाफ और प्रधानाध्यापक ने प्रशासन को लिखित में ज्ञापन भी सौंपा है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। दीवारें टूटी हुई हैं, कमरों में पानी टपकता है, और बच्चों के खेलने का मैदान पूरी तरह असुरक्षित है।


⚠️ झालावाड़ की दर्दनाक घटना से भी प्रशासन ने नहीं सीखा सबक

कुछ दिन पूर्व झालावाड़ जिले में स्कूल की जर्जर छत गिरने से बच्चों की मौत की दर्दनाक घटना सामने आई थी, लेकिन फिर भी राज्य का शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन सावधान नहीं हुआ। यदि इसी तरह लापरवाही रही तो पाली जिले में भी कभी बड़ा हादसा हो सकता है।


🏛️ प्रशासन और सरकार से माँग – तुरंत हो संज्ञान और मरम्मत कार्य शुरू

ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार, जिला कलेक्टर एवं शिक्षा विभाग से मांग की है कि:

  • विद्यालय भवन की तत्काल मरम्मत करवाई जाए
  • शौचालय और रसोईघर का निर्माण किया जाए
  • खेल मैदान को सुरक्षित और उपयोग योग्य बनाया जाए
  • स्कूल में छात्रों की सुरक्षा और सुविधा हेतु मानक अनुरूप व्यवस्था की जाए
  • प्रशासन इस मामले को आपात स्तर पर प्राथमिकता दे
  • लूनिया टाइम्स स्पेशल ग्राउंड रिपोर्ट

🗣️ लूनिया टाइम्स की अपील:
एक जिम्मेदार मीडिया संस्था होने के नाते हम राजस्थान सरकार, शिक्षा विभाग, और जिला प्रशासन से अपील करते हैं कि बच्चों के जीवन और भविष्य के साथ इस लापरवाही का अंत किया जाए। आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अधिकार दिलाना हमारी संविधानिक और नैतिक जिम्मेदारी है।


📲 यह रिपोर्ट देखें, साझा करें और जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुँचाएं।
🔴 Luniya Times News – सच दिखाने की जिम्मेदारी
📞 संपर्क: desk@luniyatimes.com | 📸 फील्ड रिपोर्ट: डी.के. देवासी

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न्यूज़ डेस्क

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