केसरिया धाम बना कुंभ नगरी, भारत में पहली बार बनेगा 108 फीट ऊंचा कीर्ति स्तंभ

केसरिया धाम बना कुंभ नगरी, भारत में पहली बार बनेगा 108 फीट ऊंचा कीर्ति स्तंभ
लुनिया टाइम्स न्यूज़ | गुलाबपुरा
नेशनल हाईवे 48 पर गुलाबपुरा के निकट स्थित नाकोड़ा भैरव गौशाला केसरिया धाम तीर्थ में आयोजित पांच दिवसीय भव्य प्रतिष्ठा महोत्सव के दौरान क्षेत्र में कुंभ जैसे भव्य धार्मिक आयोजन का दृश्य देखने को मिला। पूरे तीर्थ परिसर को स्वर्ण नगरी की तर्ज पर आकर्षक सजावट से सजाया गया, जहां देश-विदेश से आए हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम दिखाई दिया।
यह भव्य आयोजन पद्मश्री सम्मान प्राप्त राष्ट्र संत आचार्य नित्यानंदसुरिश्वर मारसा तथा जम्मू विजय जी के प्रशिष्य महाविदेह जी महाराज साहब के पावन सानिध्य में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम के दौरान विश्वविख्यात संगीतकार नरेंद्र वाणीगोता के मधुर भक्तिमय संगीत ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।

देश-विदेश से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं की पावन साक्षी में प्रभु शांतिनाथ भगवान, शंकेश्वर पारसनाथ तथा नाकोड़ा भैरव देव का भव्य प्रतिष्ठा महोत्सव जयकारों के गगनभेदी उद्घोष के साथ सम्पन्न हुआ। प्रतिष्ठा का शंखनाद होते ही श्रद्धालु भावविभोर हो उठे और कई भक्तों की आंखों से खुशी के आंसू बहने लगे।
इस अवसर पर आयोजित सम्मान समारोह में आठ धार्मिक ग्रंथों का विमोचन भी किया गया तथा विभिन्न सेवाभावी व्यक्तियों का बहुमान किया गया।

तीर्थ प्रेरक भूषण भाई ने बताया कि तपागच्छ के मुख्य आचार्य जगतचंद्रसुरिश्वर जी महाराज साहब की स्मृति में केसरिया धाम में एक विशाल मंदिर का निर्माण किया जा रहा है। साथ ही पूज्य दादा गुरुदेव, जिन्होंने अपने जीवनकाल में 29,000 आयंबिल किए, उनकी स्मृति में भारत में पहली बार 108 फीट ऊंचा कीर्ति स्तंभ बनाया जाएगा।
केसरिया धाम तीर्थ परिसर में मंदिर के साथ-साथ तीर्थ धर्मशाला, भोजनशाला, अनाथ आश्रम छात्रालय तथा 24 जिनालय का निर्माण कार्य भी तेजी से जारी है।

पांच दिवसीय प्रतिष्ठा महोत्सव में जापान, मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु, कोलकाता, अजमेर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, विजयनगर, गुलाबपुरा, कवालियांस, आसींद सहित विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु, सामाजिक कार्यकर्ता, राजनीतिक और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
महोत्सव के दौरान पांचों दिन नवकारसी और भव्य भोजन प्रसादी का लाभ नाकोड़ा गौशाला के संस्थापक एवं भूमिप्रदाता पद्म रांका और नीना देवी रांका परिवार द्वारा लिया गया। इस अवसर पर गुरुदेव के सैकड़ों चातुर्मास निवेदन भी आए, जिनमें से इस वर्ष का चातुर्मास बेंगलुरु में घोषित किया गया है।
धार्मिक आस्था और सेवा के इस भव्य आयोजन ने केसरिया धाम को एक नई पहचान दी है और क्षेत्र में आध्यात्मिक वातावरण को और अधिक सशक्त बनाया है।













