डोरी से बांध दी जर्जर लाइन, खतरा अब भी बरकरार पोयणा की हनुमान गली में स्थायी समाधान नहीं, विभाग ने खानापूर्ति कर झाड़ा पल्ला

पुखराज कुमावत सुमेरपुर
ग्रामीणों का आरोप—दो पोल लगाने से बच रहा विभाग, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा
सुमेरपुर/पोयणा। पोयणा गांव की हनुमान गली में लंबे समय से झूल रही जर्जर बिजली लाइन को लेकर ग्रामीणों में भारी रोष है। मामला सामने आने और शिकायतों के बाद विद्युत विभाग हरकत में तो आया, लेकिन स्थायी समाधान करने के बजाय केवल औपचारिक कार्रवाई कर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान ली।
विभाग की ओर से मौके पर भेजे गए लाइनमैन ने नीचे लटक रही केबल को डोरी से ऊपर बांध दिया, जबकि समस्या जस की तस बनी हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि गली में लगी बिजली केबल काफी पुरानी हो चुकी है और कई जगह से कट एवं क्षतिग्रस्त हालत में है। ऐसे में केवल रस्सी से बांध देना किसी समाधान से ज्यादा जोखिम बढ़ाने वाला कदम है। लोगों का आरोप है कि विभाग गंभीर तकनीकी समस्या को नजरअंदाज कर अस्थायी जुगाड़ के भरोसे गांव की सुरक्षा छोड़ रहा है।

दो पोल नहीं लगे तो टलेगा नहीं खतरा
स्थानीय लोगों के अनुसार हनुमान गली में दो नए बिजली पोल लगाए बिना समस्या का समाधान संभव नहीं है। गली संकरी होने के कारण तार लगातार नीचे झूल रहे हैं और छोटे वाहन, बाइक व पैदल गुजरने वाले लोग सीधे खतरे की जद में आ रहे हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि पुरानी लाइन को हटाकर नई केबल डाली जाए और पोल लगाकर लाइन को व्यवस्थित किया जाए।
पहले भी बन चुकी है हादसे जैसी स्थिति
कुछ दिन पहले गांव में निकली डीजे शोभायात्रा के दौरान झूलती लाइन के कारण खतरनाक स्थिति बन गई थी। ऊंचे वाहन और नीचे लटके तार आमने-सामने आने से अफरा-तफरी मच गई थी। उस समय ग्रामीणों की सतर्कता से स्थिति संभल गई, लेकिन विभाग ने इसके बाद भी स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
ग्रामीण बोले—समस्या नहीं, जिम्मेदारी से बच रहा विभाग
ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। लोगों का कहना है कि विभाग ग्रामीणों की वास्तविक समस्या दूर करने के बजाय केवल खानापूर्ति कर अपनी जिम्मेदारी से बच रहा है।
गांव के लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द दो नए पोल लगाकर पूरी लाइन नहीं बदली गई और भविष्य में कोई हादसा हुआ, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी विद्युत विभाग और संबंधित अधिकारियों की होगी।













