टुण्डी विधायक का प्रयास रंग लाया चरककला से संथालडीह भाया चरकखुर्द पथ निर्माण कार्य की मिली स्वीकृति

मेरे द्वारा किए गए विकास कार्यों को टुण्डी की जनता हमेशा दिल और दिमाग में रखने का काम करेगी – मथुरा प्रसाद महतो
टुण्डी : प्रखंड क्षेत्र के चिरप्रतीक्षित पथ चरककला से संथालडीह काली मंदिर भाया चरकखुर्द तक पथ निर्माण की कार्य की स्वीकृति मिलने की ख़बर पर गांवों में जश्न जैसा माहौल देखा जा रहा है। और लोग इस बहुपयोगी पथ की स्वीकृति दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले टुण्डी विधायक मथुरा प्रसाद महतो की भूरि भूरि प्रशंसा करते हुए दिल से आभार व्यक्त किया है। प्राप्त समाचार के अनुसार बड़े बजट की पथ जो कई वर्षों से मात्र फाइलों में सिमट कर रह गई थी जबकि गिरिडीह लोक सभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इस पथ पर किसी जनप्रतिनिधियों ने संज्ञान नहीं लिया मज़ेदार बात तो यह है कि अपने 25 वर्षों के कार्यकाल में इस पथ की निर्माण की बात सोचना तो दूर चर्चा भी करना मुनासिब नहीं समझा जबकि यह क्षेत्र भगवा पार्टी का गढ़ माना जाता है।
आश्चर्यजनक बात यह है कि यहां दो बूथों पर तीर-धनुष का खाता जब से संविधान का निर्माण हुआ़ हैं और लोग मतदान जैसे महापर्व पर अपने मताधिकार का प्रयोग करते आ रहे हैं तब से तीर धनुष का झंडा बुलंद नहीं किया है फिर भी झामुमो के विधायक ने कभी भी इस क्षेत्र का अनदेखा नहीं किया है और आज़ परिणाम सामने परिलक्षित होते दिखाई दे रहा है।

इस पथ की कुल लंबाई 3.40 किमी है साथ ही 3 करोड़ 4 लाख 90 हज़ार 400 रूपए की लागत से बनने वाली इस चिरप्रतीक्षित पथ जिसका एक दो दिनों में शिलान्यास जैसे पवित्र कार्यक्रम से नवाजा जाएगा और लोग बहुत जल्द कम समय में अपने गंतव्य तक बहुत ही आसानी से पहुंच सकेंगे।
निविदा पत्र की प्रति अखबार को उपलब्ध कराते हुए विधायक मथुरा प्रसाद महतो ने कहा कि बड़े बजट की इस पथ को किसी जनप्रतिनिधि से आज़ तक सुधि लेना जरूरी नहीं समझा जबकि मेरे लिए पूरे टुण्डी विधानसभा की जनता एक समान है चाहे वह किसी भी पार्टी की बैनरतले कार्य करता हो। आगे विधायक श्री महतो ने कहा कि मेरा एक ही उद्देश्य है हर पथों का मेरे कार्यकाल में ही कायाकल्प हो और लोग मैं रहुं ना रहूं फिर भी दिल और दिमाग में मेरे शक्ल को एक बार याद जरूर करें।














