नारियल तेल की कीमतों में तूफानी तेजी
दक्षिण के राज्यों में खाना पकाने के लिए नारियल तेल का इस्तेमाल करने वाले लोगों को मजबूरी में दूसरे तेलों की तरफ करना पड़ रहा है रुख : शंकर ठक्कर

अखिल भारतीय खाद्य तेल व्यापारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं कॉन्फडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय मंत्री शंकर ठक्कर ने बताया फरवरी, 2025 से नारियल तेल की कीमतों में भारी वृद्धि के बीच, दक्षिणी राज्य के सबसे बड़े त्योहार ओणम तक कीमत ₹575 प्रति लीटर तक पहुंच जाने की संभावना दिखाई पड़ रही है।
दक्षिणी राज्यों में नारियल तेल का इस्तेमाल खाने के तेल के रूप में किया जाता है जबकि देश के अन्य राज्यों में इसका इस्तेमाल सर के बालों में डालने के लिए किया जाता है।
वर्तमान में कुल मिलाकर केवल 2 लाख लीटर नारियल तेल उपलब्ध है। यह आगामी तीन महीनों की मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है। इसलिए आने वाले दिनों में कीमतें और भी बढ़ने के आसार हैं।
इस वर्ष नारियल के पेड़ों पर कीड़े लगने से उत्पादन में बड़े पैमाने पर कमी आई है जिसके चलते कोप्रा (सूखे नारियल कोर) की कमी और साउथ-ईस्ट एशिया में भी उत्पादन में गिरावट की वजह से तेल उत्पादन सुस्त हो रहा है, जिससे संकट बढ़ा है। यदि यही रुझान जारी रहा, तो ओणम जो कि दक्षिणी राज्य का सबसे बड़ा त्यौहार है तक नारियल तेल की खुदरा कीमत ₹575 प्रति लीटर तक पहुंच सकती है।
नारियल तेल की कीमतें आसमान छूने से ग्राहक विकल्प के तौर पर अन्य तेलों की तरफ जिन में खासकर पाम ऑयल खरीदने पर विचार कर रहे है।
शंकर ठक्कर ने आगे कहा नारियल का इस्तेमाल न सिर्फ तेल के रूप में बल्कि बड़े पैमाने पर मंदिरों में प्रसाद के रूप में और खाने की वस्तुएं बनाने में जिन में खासकर चटनी बनाने में इस्तेमाल किया जाता है इसलिए प्रसाद के रूप में उपयोग करने वाले भक्तों को भी ₹15 से ₹25 तक मिलने वाला नारियल अब ₹40 से ₹60 रुपए के बीच खरीदना पड़ रहा है।













