इंदौर में गुरुवाणी का चमत्कार, चल प्रतिष्ठा महोत्सव में बरसी श्रद्धा और लक्ष्मी

- इंदौर मध्यप्रदेश
इंदोर महालक्ष्मी नगर में 2400 वर्ष प्राचीन आदिनाथ प्रभु प्रतिष्ठा ने रचा इतिहास
इंदौर नगर के महालक्ष्मी नगर में आयोजित 2400 वर्ष प्राचीन आदिनाथ प्रभु की चल प्रतिष्ठा महोत्सव में श्रद्धालुओं का अपार जनसमूह उमड़ पड़ा। दूर-दूर से पधारे समाजजनों, गणमान्य नागरिकों एवं भाविकों ने इस भव्य आयोजन में बढ़-चढ़कर सहभागिता कर धर्मलाभ प्राप्त किया। संपूर्ण क्षेत्र भक्तिमय वातावरण, जयघोष और उल्लास से गूंज उठा।
यह ऐतिहासिक प्रतिष्ठा महोत्सव मंदिर निर्माण के प्रणेता एवं संघ संस्थापक, गुरु नवरत्न कृपा प्राप्त, युवा हृदय सम्राट, जिनशासन हितचिंतक, महामांगलिक प्रदाता, इतिहास सर्जक, पुण्यप्रभावक परम पूज्य आचार्य देव श्री विश्वरत्नसागर सुरीश्वर जी महाराज साहेब के पावन सानिध्य एवं मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ। गुरुदेव की उपस्थिति ने आयोजन को दिव्यता और ऊर्जा से भर दिया।
कार्यक्रम के दौरान गुरुदेव के मात्र एक आह्वान पर समाज ने लक्ष्मी का अद्भुत सदुपयोग करते हुए धर्मकार्य हेतु मुक्तहस्त से सहयोग प्रदान किया। नूतन उपाश्रय निर्माण के लिए 1 करोड़ से अधिक राशि एकत्रित हुई, जिसे देखकर उपस्थित जनसमूह भावविभोर हो उठा।
साथ ही मंदिर निर्माण हेतु भूमिदान के लिए 50 लाख से अधिक लाभ भक्तजनों द्वारा लिया गया। इसी क्रम में नाकोड़ा भैरव देव की प्रतिमा भरवाने का चढ़ावा 15 लाख रुपए में तथा माता पद्मावती देवी की प्रतिमा भरवाने का लाभ 15 लाख रुपए में लिया गया।

आज उपस्थित श्रद्धालुओं ने साक्षात अनुभव किया कि गुरुदेव के वचनों में कैसी प्रेरणाशक्ति और पुण्यप्रभाव निहित है। मात्र एक आह्वान पर मानो लक्ष्मीनगर में लक्ष्मी की वर्षा हो गई हो। चारों ओर गुरुदेव के प्रचंड पुण्यप्रभाव की जय-जयकार गूंज उठी।
कार्यक्रम के समापन पर गुरुदेव के आगामी आयोजन की घोषणा भी की गई। 29 अप्रैल 2026 को इंदौर नगर के अशोक नगर में भव्य आयंबिलशाला, उपाश्रय एवं श्री मंत्रेश्वर पार्श्वनाथ प्रभु जिनमंदिर का शिलास्थापन सम्पन्न होगा, जिसे लेकर अभी से समाज में उत्साह की लहर दौड़ गई है।
महालक्ष्मी नगर की इस पावन भूमि पर आज केवल प्रतिष्ठा नहीं हुई, बल्कि गुरुवाणी, श्रद्धा और धर्मसमर्पण का एक नया स्वर्णिम इतिहास रचा गया।














