चित्तौड़गढ़ के श्रीसांवलियाजी मंदिर में मेला आज से शुरू, सरोवर झुलने जायेंगे ठाकुर जी, रजत रथ में निकली शोभायात्रा

गुरलां/ मंडपिया चित्तौड़गढ़ के श्रीसांवलियाजी मंदिर में मेला आज से शुरू, निकलेगी शोभायात्रामंदिर मंडल के प्रशासनिक अधिकारी राजेंद्र सिंह नाथावत ने बताया कि मेले का शुभारंभ आज ( 2 सितंबर) को ठाकुरजी की भव्य शोभायात्रा के साथ होगा
तीन दिवसीय मेला
चित्तौड़गढ़ के श्रीसांवलियाजी मंदिर में मेला आज से शुरू, निकलेगी शोभायात्राश्री सांवलिया सेठ में आज से तीन दिवसीय मेला शुरू.

राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के प्रसिद्ध कृष्णधाम श्री सांवलियाजी में जलझूलनी एकादशी का तीन दिवसीय मेला 2 से 4 सितंबर तक आयोजित होगा.

इस अवसर पर ठाकुरजी की भव्य शोभायात्रा, विराट कवि सम्मेलन, भजन संध्या, सांस्कृतिक कार्यक्रम और दिव्यांगजनों को स्कूटी वितरित की जाएगी. मंदिर मंडल प्रशासन ने मेले की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली हैं.
विराट कवि सम्मेलन
इस शोभायात्रा में हजारों श्रद्धालु शामिल होंगे. उसी दिन शाम को मीरा मंच पर विराट कवि सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देशभर के प्रख्यात कवि अपनी रचनाओं से श्रोताओं का मन मोहेंगे. यह आयोजन भक्तों के लिए आध्यात्मिक और साहित्यिक अनुभव का संगम होगा.

सरोवर स्नान करेंगे ठाकुर जी
- ठाकुरजी को सरोवर में कराएंगे स्नान
3 सितंबर, बुधवार को मेले का दूसरा दिन विशेष रूप से भव्य होगा. इस दिन ठाकुरजी को रजत रथ पर विराजित कर शोभायात्रा निकाली जाएगी, जो मंदिर परिसर से शुरू होकर सांवलिया सरोवर तक जाएगी. वहां ठाकुरजी का सरोवर में स्नान करवाया जाएगा. शोभायात्रा के दौरान आतिशबाजी का शानदार प्रदर्शन होगा, जो आकाश को रंग-बिरंगे प्रकाश से सजाएगा. देर शाम ठाकुरजी फिर से मंदिर में विराजमान होंगे. रात को विशाल भजन संध्या का आयोजन होगा, जिसमें प्रख्यात भजन गायकों द्वारा भक्ति रस से सराबोर प्रस्तुतियां दी जाएंगी. यह कार्यक्रम श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक उल्लास का केंद्र होगा.
सांस्कृतिक कार्यक्रम, दिव्यांग स्कूटी वितरण
- अंतिम दिन कलाकार देंगे प्रस्तुतियां
उन्होंने कहा कि मेले के अंतिम दिन, 4 सितंबर, गुरुवार को सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा, जिसमें स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर के कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे. इसके साथ ही सामाजिक सरोकार के तहत मंदिर मंडल द्वारा 51 दिव्यांगजनों को स्कूटी वितरित की जाएगी. यह पहल दिव्यांगजनों के जीवन को सुगम बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देगी. स्कूटी वितरण समारोह के बाद मेले का समापन समारोह आयोजित होगा, जिसमें मंदिर प्रशासन द्वारा सभी श्रद्धालुओं और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया जाएगा.














