गोरेगांव (पश्चिम) श्रीनगर जैन संघ में कल्याणकारी भद्रतप के 209 तपस्वियों का ऐतिहासिक वरघोड़ा हर्षोल्लास से सम्पन्न

- मुंबई
गोरेगांव पश्चिम स्थित श्रीनगर जैन संघ में कल्याणकारी भद्रतप के 209 तपस्वियों का भव्य और ऐतिहासिक वरघोड़ा अत्यंत हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। भद्रतप एक अत्यंत कठोर और उग्र तपस्या है, जिसमें 100 दिनों तक चलने वाली साधना के अंतर्गत 75 उपवास और 25 ब्यासणा होते हैं।
इस अवसर पर भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें 45 रथ, 11 विंटेज कार, 4 नृत्य मंडलियाँ, और लगभग 300 जैन युवा कार्यकर्ता सम्मिलित हुए। शोभायात्रा में 5 बैंड पार्टियों ने भी अपनी मनमोहक धुनों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

इस ऐतिहासिक वरघोड़े का शुभारंभ सुबह 6:30 बजे श्रीनगर जैन संघ से हुआ। गोरेगांव की मुख्य सड़कों से होती हुई यात्रा पुनः संघ परिसर में पहुँची, जहाँ सुंदर नवकारसी की व्यवस्था की गई थी। जगह-जगह आकर्षक रंगोली और स्वागत द्वार बनाए गए थे।
इस पावन अवसर पर परम पूज्य गच्छाधिपति आचार्य भगवंत श्री राजेन्द्रसूरिश्वरजी महाराज साहेब की कृपा से, कुशलचितंक पूज्य आचार्य भगवंत श्री मुक्तिवल्लभ विजयजी महाराज साहेब और भद्रतप प्रेरक पूज्य पन्यास प्रवर श्री वीतरागवल्लभ विजयजी महाराज साहेब की प्रेरणा से आराधकों की भद्रतप आराधना सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई।
श्रीनगर जैन संघ के ट्रस्टीगण, सभी कार्यकर्ताओं और सेवाधारकों ने मिलकर इस आयोजन को ऐतिहासिक बनाया। उनकी दिन-रात की मेहनत और प्रशासन के सहयोग से सम्पूर्ण कार्यक्रम बिना किसी बाधा के सम्पन्न हुआ।













