शिक्षा के शताब्दी पर्व पर आधुनिकता की नींव

श्री पार्श्वनाथ जैन विद्यालय, वरकाणा अपने शताब्दी वर्ष के शुभारंभ को केवल औपचारिक उत्सव तक सीमित नहीं रखकर शिक्षा में आधुनिकता और गुणवत्ता की मजबूत नींव रखने जा रहा है, 5 अप्रैल को ई-लाइब्रेरी एवं विज्ञान प्रयोगशाला के भूमि पूजन का कार्यक्रम इसी दूरदर्शी सोच का प्रतीक है, भामाशाह श्रीमती रेखा कांतिलालजी शाह द्वारा ₹1 करोड़ के उदार सहयोग से बनने वाली यह डिजिटल सुविधा यह दर्शाती है कि जब समाज और शिक्षण संस्थाएं साथ आते हैं तो शिक्षा का स्तर केवल भवनों से नहीं बल्कि विचारों से भी ऊंचा होता है

आज के प्रतिस्पर्धात्मक युग में डिजिटल लाइब्रेरी और आधुनिक प्रयोगशालाएं विद्यार्थियों को तकनीकी ज्ञान, शोध प्रवृत्ति और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ाने का माध्यम बनेंगी, संस्था अध्यक्ष बाबूलाल मंडलेशा द्वारा व्यक्त यह विश्वास भी महत्वपूर्ण है कि यह परियोजना विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का मार्ग प्रशस्त करेगी, साथ ही संस्था सचिव भरत परमार द्वारा समाज के सभी वर्गों को आमंत्रण यह संकेत देता है कि यह केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि पूरे समाज का शैक्षणिक उत्सव है, यदि शताब्दी वर्ष की शुरुआत ऐसे रचनात्मक कार्यों से हो रही है तो निश्चित ही यह विद्यालय भविष्य में भी शिक्षा के क्षेत्र में प्रेरणादायी उदाहरण बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।














