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बिजोवा महावीर गौशाला में कवियों ने बिखेरी रसों की फुहार, देर रात तक गूंजती रहीं तालियां

हास्य, वीर व श्रृंगार रस से सराबोर हुआ कवि सम्मेलन, श्रोता हुए मंत्रमुग्ध


बिजोवा, रानी। भगवान महावीर गौशाला प्रांगण में रविवार 24 मई को लायंस क्लब रानी के तत्वावधान में आयोजित अखिल भारतीय विराट कवि सम्मेलन में देश के नामचीन कवियों ने अपनी रचनाओं से ऐसा समां बांधा कि श्रोता देर रात तक तालियां बजाते रहे। मंच संचालक एवं संयोजक कवि युगराज जैन के कुशल संचालन में हास्य, वीर और श्रृंगार रस की त्रिवेणी बही।

ग्रामीण तानाबाना और हास्य-व्यंग्य का संगम
कांकरोली के सुप्रसिद्ध हास्य कवि सुनील व्यास ने ग्रामीण रहन-सहन एवं पारिवारिक तानेबाने को अपनी कविता में कुछ यूं पिरोया-
_”बड़ा भोला बड़ा सीधा
मेरा गांव आज भी शहर से अच्छा है_
_मोबाइल वाला जमाना फिर भी, चूल्हे पर रोटी का स्वाद बड़ा।”_
उन्होंने हास्य-व्यंग्य के माध्यम से सामाजिक कुरीतियों, महंगाई और मोबाइल की लत जैसी समस्याओं पर करारा प्रहार किया, जिसे सुन श्रोता लोटपोट हो गए।

परम्परागत शैली ने दिलाई दिग्गजों की याद
हास्य कवि राव अजात शत्रु ने परम्परागत कविता पाठ के वाचिक परम्परा अंदाज को फिर से जीवंत कर दिया। उनकी प्रस्तुति ने श्रोताओं को अशोक चक्रधर और शैल चतुर्वेदी जैसे विख्यात कवियों की याद दिला दी। उनके एक मुक्तक पर पूरा पंडाल ठहाकों से गूंज उठा-
_सत्य ही जब कहानी लगे
तब तो गूंगा ही ज्ञानी लगे_

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मीरा-कृष्ण के प्रेम से सराबोर हुआ माहौल
कवयित्री भावना लोहार ने श्रृंगार रस की ऐसी फुहार बिखेरी कि महावीर गौशाला का माहौल प्रेम के आनंद से सराबोर हो गया। मीरा-कृष्ण के अलौकिक प्रेम पर उनका गीत-
_”नहीं कुछ कहा फिर भी सब कह दिया है
तेरी भावना ,भावना गा रही है “_
सुनकर श्रोता भावविभोर हो गए।

हास्य की फुलझड़ियां और देशभक्ति का ज्वार
हास्य कवि दिनेश बंटी ने जब हास्य की फुलवारी बिखेरी तो दर्शकों की तालियां थमने का नाम ही नहीं ले रही थीं। उनके गुदगुदाने वाले हास्य प्रसंग अद्भुत थे। वहीं वीर रस के सशक्त हस्ताक्षर कवि अंशुमान आजाद ने मेवाड़ के वीर सपूत महाराणा प्रताप और उनके सुख-दुख के साथी चेतक के शौर्य पर ओजस्वी कविता पाठ किया। उनकी दमदार शैली और बुलंद आवाज ने हर श्रोता को देशभक्ति एवं सनातन धर्म के जयकारों के लिए मजबूर कर दिया-
_”चेतक पर चढ़ जिसने, अकबर को ललकारा था,_
_वो प्रताप ही था जिसने, मेवाड़ को संवारा था।”_

सूत्रधार ने दी जीवन की नई दिशा
कार्यक्रम के सूत्रधार कवि युगराज जैन ने दैनिक जीवन के भावों को अलग-अलग अंदाज में महसूस कराने वाली उत्कृष्ट कविताओं से अनूठा समा बांध दिया। उन्होंने बच्चों, युवाओं एवं बुजुर्गों को जीवन जीने की नई दिशा दी और प्रेरक प्रसंग सुनाकर समाज को शिक्षा, चिकित्सा व जनकल्याण के लिए प्रेरित किया।

उद्देश्य रहा सफल
सम्मेलन संयोजक राजकमल पारिख एवं हिमांशु पलोड़ ने बताया कि गौशाला परिसर में इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र में साहित्यिक वातावरण बनाना एवं गौसेवा के प्रति जागरूकता लाना था, जो पूरी तरह सफल रहा। इस अवसर पर लायंस क्लब पदाधिकारी हरीश सुराणा,प्रोजेक्ट चेयरमैन घीसुलाल चौधरी,रूपचंद पुनमिया, विकास अधिकारी रानी नारायण सिंह राजपुरोहित , डॉ. सुखदेव हंसा राम ,दिनेशनायरा, बस्तीमल रामावत,आशुलाल सोलंकी, कमला जैन, ममता, आरती गर्ग , कमलेश राय सोनी कमलेश रावल एवं लेखराज सहित । आसपास के गांवों से आए सैकड़ों श्रोता मौजूद रहे।

न्यूज़ डेस्क

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