महाब्रेकिंग: तमिलनाडु की राजनीति में सबसे बड़ा उलटफेर, के. अन्नामलाई ने छोड़ी BJP; नए ‘जन आंदोलन’ का किया ऐलान!

चेन्नई / नई दिल्ली: तमिलनाडु की सियासत से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कद्दावर नेता और पूर्व आईपीएस अधिकारी के. अन्नामलाई ने भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने आधिकारिक तौर पर उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। इस्तीफे के तुरंत बाद अन्नामलाई ने तमिलनाडु की राजनीति में एक स्वतंत्र रास्ता चुनते हुए एक नए राजनीतिक आंदोलन की शुरुआत करने की घोषणा कर दी है, जो आने वाले समय में एक क्षेत्रीय राजनीतिक दल का रूप लेगा।

मुख्य बिंदु: क्यों टूटी ‘सिंघम’ और भाजपा की राहें?
1.गठबंधन पर भारी मतभेद: अन्नामलाई तमिलनाडु में AIADMK के साथ गठबंधन करने के सख्त खिलाफ थे। उनका मानना था कि भाजपा को राज्य में अकेले चुनाव लड़ना चाहिए, जबकि केंद्रीय नेतृत्व गठबंधन के पक्ष में था।
2.वोट बैंक में भारी गिरावट: हालिया विधानसभा चुनाव में गठबंधन के तहत चुनाव लड़ने के कारण भाजपा का वोट शेयर पिछले लोकसभा चुनाव के 11% से गिरकर महज करीब 3% रह गया था, जिससे अन्नामलाई बेहद असंतुष्ट थे।
3.आलाकमान का दबाव: अन्नामलाई ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष से मुलाकात की थी। सूत्रों के अनुसार, आलाकमान ने उन्हें चुनाव तक रुकने और इंतजार करने को कहा था, लेकिन वे अपने फैसले पर अडिग रहे।
राज्यसभा का ऑफर ठुकराया: केंद्रीय नेतृत्व ने उन्हें मनाने के लिए राज्यसभा सीट की पेशकश भी की थी, जिसे अन्नामलाई ने साफ तौर पर ठुकरा दिया।













