गच्छाधिपति धर्मधुरंधर जी का चातुर्मास पालीताणा में श्री आत्म वल्लभ जैन सेवा मंडल का भव्य आयोजन

पालीताणा :- श्री शत्रुजय तीर्थ की दिव्य छत्रछाया में, विमलाचल परमेष्ठी के पावन सानिध्य में श्री आत्म वल्लभ जैन सेवा मंडल द्वारा सादड़ी (राणकपुर) के जैन धर्मावलंबियों का आत्मकल्याण की ओर अग्रसर अनुपम सामूहिक धर्म-आराधना महापर्व चातुर्मास का भव्य आयोजन किया गया हैं।
पालीताणा अधिपति आदिनाथ भगवान के सानिध्य में व श्री आत्म वल्लभ समुद्र इंद्र रत्नाकर पाट परंपरा के वर्तमान गच्छाधिपति, श्रुत भास्कर, सरस्वती उपासक, श्रुत ज्ञान मंदिर संरक्षक आचार्य श्री विजय धर्मधुरंधर सूरीश्वरजी म. सा. आदि साधु साध्वी की निश्रा में आषाढ़ सुदी 14, मंगलवार, 28 जुलाई 2026 को प्रारंभ होगा।चातुर्मास के दौरान अनेक कार्यक्रमों के अलावा पर्युषण आराधना श्रावण वदी 12 मंगलवार, 8 सितंबर 2026 से होगी।
चातुर्मास आराधना स्थल अंकीबाई धर्मशाला,राजेंद्र विहार, हिम्मत विहार ।मंडल ने सादड़ी के जैन धर्मावलंबियों के प्रवेश / आवेदन पत्र के लिए संपर्क करने का आव्हान किया है।
श्री आत्म वल्लभ जैन सेवा मंडल के तत्वावधान में सादड़ी जैन धर्मावलंबियों का वर्ष 2026 में पावन शत्रुंजय तीर्थ, पालीताणा में श्री आत्म वल्लभ समुद्र इंद्र रत्नाकर पाट परंपरा के वर्तमान गच्छाधिपति, श्रुत भास्कर, सरस्वती उपासक, श्रुत ज्ञान मंदिर संरक्षक आचार्य भगवंत श्रीमद विजय धर्मधुरंधर सूरीश्वरजी महाराज साहेव आदि साधु साध्वी ठाणा के चातुर्मास का मंगल आयोजन किया जा रहा है।
मंडल द्वारा चातुर्मास के आराधकों एवं पर्युषण पर्व की आराधना हेतु पधारने वाले अतिथियों के लिए अंकिवाई धर्मशाला, राजेन्द्र विहार एवं हिम्मत विहार में समुचित आराधना, आवास एवं भोजन की व्यवस्था की गई है। दानदाता हेतु प्रवेश पत्र एंव सादड़ी के जैन आराधक बंधुओं के लिए आवेदन पत्र संलग्न किए जा रहे हैं। चातुर्मास हेतु आर्थिक सहयोग केवल सादड़ी के जैन धर्मावलंभीयो से ही स्वीकार किया जाएगा।
दानदाताओं हेतु चातुर्मास प्रवेश पत्र
दानदाता परिवारों को निम्नानुसार कन्फर्म (हस्तांतरण योग्य) प्रवेश पत्र प्रदान किए जाएंगे। दानदाताओं को निम्न लाभ उपलब्ध होंगे।
1. चातुर्मास के मुख्य लाभार्थी डायमंड स्तंभ परिवार को चातुर्मास में आराधकों के लिये 4 कक्ष में 16 प्रवेश पत्र, पर्युषण पर्व पर परिवार के लिये 2 कक्ष, पत्रिका में व चातुर्मास स्थल पर फोटो के साथ परिवार के नाम का प्रकाशन व प्रदर्शन।
2. चातुर्मास के मुख्य लाभार्थी स्वर्ण स्तंभ परिवार को चातुर्मास में आराधकों के लिये 2 कक्ष में 8 प्रवेश पत्र, पर्युषण पर्व पर परिवार के लिये 2 कक्ष, पत्रिका में व चातुर्मास स्थल पर 4 फोटो के साथ परिवार के नाम का प्रकाशन व प्रदर्शन।
3. चातुर्मास के लाभार्थी रजत स्तंभ परिवार को चातुर्मास में आराधकों के लिये 1 कक्ष में 4 प्रवेश पत्र, पर्युषण पर्व पर परिवार के लिये 2 कक्ष, पत्रिका में व चातुर्मास स्थल पर 2 फोटो के साथ परिवार के नाम का प्रकाशन व प्रदर्शन .4 चातुर्मास के मुख्य कांस्य स्तंभ परिवार को चातुर्मास में आराधकों के लिये 1+1 = 2 प्रवेश पत्र (पलंग भूमि पर गद्दा), पर्युषण पर्व पर परिवार के लिये 1 कक्ष, पत्रिका में व चातुर्मास स्थल पर 2 फोटो के साथ परिवार के नाम का प्रकाशन व प्रदर्शन। 5. चातुर्मास के सहयोगी परिवार में आराधकों के लिये 1 प्रवेश पत्र (पलंग अथवा भूमि पर गद्दा), पर्युषण पर्व पर परिवार के लिये 1 कक्ष, पत्रिका में व चातुर्मास स्थल पर। फोटो के साथ परिवार के नाम का प्रकाशन व प्रदर्शन।

सादड़ी धर्मावलंबियो हेतु चातुर्मास आवेदन पत्र
सादड़ी जैन बंधु, जिन्होंने पूर्व में पालीताणा तीर्थ क्षेत्र में कभी भी चातुर्मास लाभ नहीं लिया हैं, उन्हें प्रथम प्राथमिकता दी जाएगी। तत्पश्चात स्थान की उपलब्धता के आधार पर अन्य सादड़ी जैन बंधुओं को प्रवेश प्रदान किया जाएगा। 31 मार्च 2026 तक मंडल को प्राप्त चातुर्मास प्रवेश / आवेदन पत्रों पर मंडल की समिति द्वारा निर्णय लेकर संबंधित आवेदकों को सूचित किया जाएगा। इस विषय में मंडल का निर्णय अंतिम एवं सर्वमान्य रहेगा।
मंडल ने कहा कि यह चातुर्मास सेवा, साधना एवं पुण्यार्जन का एक दुर्लभ अवसर है। आप सभी से विनम्न निवेदन है कि इस पावन आयोजन में सहभागी बनकर धर्म प्रभावना के इस महायज्ञ को सफल बनाए।
श्री आत्म वल्लभ जैन सेवा मंडल, सादड़ी (राणकपुर) कार्यकारिणी एवं चातुर्मास कमिटी ने सभी से लाभ लेने की अपील की हैं।
चातुर्मास आराधकों हेतु आवश्यक सूचना एवं नियम
1. चातुर्मास अवधि में गुरूभगवंतो की आज्ञा अनुसार जीवनयापन करते हुए समस्त धार्मिक आराधनाओं (देव दर्शन, सेवा पूजा, प्रतिक्रमण, प्रवचन आदि) में सहभाग अनिवार्य रहेगा। आराधना में अनुपस्थित रहने पर प्रवेश रद्द किया जाएगा।
2. प्रतिदिन गिरिराज तलहटी में गुरूभगवंतों के साथ सामूहिक चैत्यवंदन हेतु प्रस्थान करना आवश्यक होगा।
3. प्रतिदिन उपवास / एकासणा/ आयंबिल में से कोई एक आराधना करना अपेक्षित है।
4. अपने स्वास्थ्य से संबंधित दवाइयाँ एवं चिकित्सक के आवश्यक निर्देश पत्र साथ लाना अनिवार्य है।
5. व्यक्तिगत पूजन सामग्री, पूजा-वस्त्र तथा आवश्यक कपड़े स्वयं साथ लेकर पधारें।
6. अनावश्यक आभूषण अथवा धनराशि अपने पास न रखें। उनकी सुरक्षा की जवाबदारी स्वयं की होगी।
7. धार्मिक एवं व्यवस्था संबंधी सभी कार्यों में गुरूभगवंतों एवं मंडल समिति का निर्णय अंतिम व सर्वमान्य होगा।
8. व्यवस्था हेतु नियुक्त कार्यकर्ताओं के निर्देशों का पालन करना अनिवार्य रहेगा।
9. तीर्थ मर्यादा का पूर्ण पालन करें, अनावश्यक वाद-विवाद से बचें, जिससे पापकर्म का बंधन न हो।
10. किसी भी स्वास्थ्य समस्या हेतु तुरंत कार्यकर्ताओं से संपर्क करें।
11. व्यवस्था को और बेहतर बनाने हेतु आपके सुझावों का स्वागत है, जिन पर समिति द्वारा उचित विचार किया जाएगा; सुझावों के पालन हेतु आग्रह न रखें।
12. सभी आराधकों से आपसी सहयोग, सहकार एवं अनुशासन अपेक्षित है, जिससे चातुर्मास का यह मंगलमय आयोजन सफल हो और सभी पुण्यार्जन का लाभ प्राप्त कर सकें।
13. आराधक महिलाओं एवं पुरूषों की आवास व्यवस्था अलग अलग होगी।
2026 में आयोजित चातुर्मास कमिटी में वसंत जे रांका,विकास रतनपुरिया,विकास पी. चौहान,श्रेणिक एम. जैन,राजेंद्र एम. रांका,विमल एम. धोका,दिनेश एम. जैन,प्रदीप वी. राका,गिरीश एस. राठौड़,श्रीपाल एम. बाफना,किशोर जे. बाफना,भरत ओ गुंगलिया,दिलीप एस. सुंदेशा, विरेंद्र एस. जोधावत,विजय आर. रांका, विजयराज आर. रांका,विक्रम के. राठौड़, अरुण के. शाह,दिलीप ओ रांका, महेंद्र एम. धोका,पारस पी. मेहता, सुरेश एल बाफना,प्रवीण सी खांटेड, प्रकाश सी. छाजेड़ का समावेश है।
चातुर्मास कार्यालय
मोहनलाल बाबूलाल बाफना, 102/A, रामजी हाउस, 30 जांबुलवाडी, कालवादेवी, मुंबई-400 002. Phone: +91 2231048100














