कोटा में दो छात्रो ने की आत्महत्या, पढ़ाई का तनाव बना कारण—पुलिस जांच में जुटी

- बनेड़ा
शिक्षा नगरी कोटा से एक बार फिर चिंताजनक खबर सामने आई है, जहां अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दो बीएससी नर्सिंग छात्रों ने कथित रूप से आत्महत्या कर ली। दोनों घटनाओं के बाद पुलिस ने मामले दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पहला मामला: हॉस्टल में फांसी लगाकर दी जान
जानकारी के अनुसार जवाहर नगर थाना क्षेत्र में बीएससी नर्सिंग के छात्र 23 वर्षीय विश्राम मीणा ने अपने हॉस्टल के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह मूल रूप से भीलवाड़ा जिले के लुहारिया कला गांव का रहने वाला था।
विश्राम मीणा कोटा के राजीव गांधी नगर स्थित नारायण रेजिडेंसी में अपने चचेरे भाई के साथ किराये पर रहता था। कमरे से पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें पढ़ाई के तनाव का जिक्र किया गया है। नोट में लिखा है कि पढ़ाई ठीक से नहीं हो रही थी और उसे फेल होने का डर सता रहा था।
पुलिस के अनुसार, सोमवार सुबह उसका चचेरा भाई कोचिंग चला गया था। दोपहर करीब 1:30 बजे लौटने पर दरवाजा नहीं खुला। सूचना मिलने पर हॉस्टल संचालक और पुलिस मौके पर पहुंची। दरवाजा खोलने पर विश्राम फंदे से लटका मिला। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। शाम को परिजनों की मौजूदगी में पोस्टमार्टम कराया गया।
दूसरा मामला: घर में फंदे से लटका मिला छात्र
वहीं दूसरा मामला आरके पुरम थाना क्षेत्र के रोजड़ी इलाके का है। यहां बीएससी सेकेंड ईयर के एक छात्र ने रविवार रात अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

परिजनों के अनुसार, रात करीब 8 बजे मां ने उसे खाना खाने के लिए आवाज लगाई, लेकिन दरवाजा नहीं खुला। पड़ोसियों की मदद से दरवाजा खोला गया तो छात्र कमरे में टीन शेड के एंगल से रस्सी के सहारे फंदे पर लटका मिला।
पढ़ाई और नौकरी को लेकर था तनाव
परिजनों ने बताया कि छात्र पढ़ाई और भविष्य को लेकर काफी परेशान था। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है और दोनों मामलों की जांच जारी है।
पुलिस का कहना
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दोनों घटनाओं में प्रथम दृष्टया आत्महत्या का मामला सामने आया है। सुसाइड नोट और परिजनों के बयान के आधार पर आगे की जांच की जा रही है।














