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2482वाँ ओसवाल वंश महोत्सव: ऐतिहासिक एकता और गौरव का त्रिवेणी संगम

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जेठमल राठौड़
रिपोर्टर

जेठमल राठौड़, रिपोर्टर - मुंबई / बाली 

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मुंबई‑दादर के योगी सभागृह में 27 जुलाई 2025 को रविवार की सुबह 10 बजे से लेकर देर रात तक चले इस भव्य आयोजन में हजारों बंधुओं ने शामिल होकर इतिहास के पन्नों को नया अध्याय दिया। यह महोत्सव समरसता, सेवा, संस्कृति और आपसी भाईचारे का ऐसा त्योहार था जिसे वक्त और दूरी ने कभी फीका नहीं होने दिया।


ओसवाल वंश का ऐतिहासिक परिचय

1. ओसवाल वंश की उत्पत्ति और प्रसार

  • आरंभिक परिपाटी: ओसवाल जैन समुदाय की उत्पत्ति तेरहवीं शताब्दी के राजस्थान-साार क्षेत्र से मानी जाती है।
  • व्यापारिक उत्थान: मध्यकाल में व्यापार, शिल्पकारिता व धर्म प्रचार के कारण ओसवालों ने उत्तरी एवं पश्चिमी भारत के प्रमुख नगरों में अपनी पहचान बनाई।
  • सांस्कृतिक योगदान: मंदिर निर्माण, धार्मिक ग्रंथों की शिक्षा और समाजसेवा में ओसवालों की भूमिका सदैव अग्रणी रही।

2. “समाज एकता दिवस” का महत्त्व

  • एकता का संदेश: एक दूसरे के विविध विचारों का सम्मान और दायित्व की भावना।
  • सेवा और सहयोग: समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए निरंतर चल रहे अभियान।
  • उत्सव का स्वरूप: परंपरागत रीति-रिवाज, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, उपलब्ध सम्मान और भविष्य की योजनाएँ।

महोत्सव की रूपरेखा और आयोजन विवरण

आयोजन का स्थान और समय

  • स्थल: योगी सभागृह, दादर, मुंबई
  • दिनांक: 27 जुलाई 2025, रविवार
  • समय: 10:00 पूर्वाह्न से 10:00 रात्रि तक

आयोजन समिति

  • मुख्य संयोजक: अखिल भारतीय ओसवाल जैन महासंघ
  • सह‑आयोजन: मरूधर का तहलका न्यूज़ नेटवर्क
  • कार्यकारी अध्यक्ष: गौतमजी बालर
  • सभापति: जगदीश मेहता

विधिपूर्वक दीपप्रज्ज्वलन एवं आरती

दीपप्रज्ज्वलन

आरती और मंगलगीत

  • केवलावधू मंडल (कुर्ला) द्वारा प्रस्तुत मंगलगीत

  • सांस्कृतिक महत्व: मंगलगीत में जीवन के चार उद्देश्य—धर्म, अर्थ, काम एवं मोक्ष का वर्णन


मुख्य अतिथिगण एवं स्वागत भाषण

मुख्य अतिथि

  • मंगलप्रभात लोढ़ा, कौशल विकास मंत्री, महाराष्ट्र

    • “जैन समाज की समर्पित भावनाएँ हमारे राज्य की प्रगति में मार्गदर्शक सिद्ध होंगी।”

विशिष्ट अतिथि

  • हार्दिक हुंडिया, अध्यक्ष, ऑल इंडिया जैन जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन

    • “समाचार पत्रों और डिजिटल माध्यमों से अपनी संस्कृति का प्रसार करें।”

स्वागत भाषण

  • जगदीश मेहता

    • “आज हम सब एक मंच पर आकर यह संदेश देते हैं कि विविधता में भी एकता का दिवस मनाना ही हमारी ताकत है। समाज की शिखर पर पहुँचाने के लिए हमें निरंतर सेवा और सहयोग करना होगा।”


कार्यक्रम का विस्तृत क्रम

समय कार्यक्रम
10:00 – 10:30 दीपप्रज्ज्वलन एवं आरती
10:30 – 11:15 स्वागत भाषण व प्रवचन
11:15 – 12:00 ऐतिहासिक प्रस्तुति: ओसवाल वंश की उत्पत्ति
12:00 – 13:00 सांस्कृतिक कार्यक्रम (नृत्य, संगीत)
13:00 – 14:00 मासिक भोजन (भोजन-दान भी जारी रहा)
14:00 – 15:30 सम्मान समारोह: ‘ओसवाल रत्न’ वितरण
15:30 – 16:30 शैक्षिक संस्थाओं के प्रतिनिधि: याचिका प्रस्तुति
16:30 – 17:30 सामाजिक अभियानों का ब्यौरा
17:30 – 18:15 प्रेरक भाषण: मंत्री महोदय का संबोधन
18:15 – 19:00 विशेष आरती एवं बारिश के बीच संगीतमय प्रस्तुति
19:00 – 20:00 समापन समारोह एवं स्मृति चिन्ह वितरण
20:00 – 22:00 मुक्त संवाद, शुभकामना सत्र और संयोजन

सांस्कृतिक विविधता: प्रस्तुति और कलाकार

नृत्य एवं संगीत

  • देशी भजन मंडल, सांडेराव: गणपति स्तुति

  • गायन मंडल, भायंदर: सरस्वती वंदना

  • नृत्य समूह, पुष्पा कला академी: पारंपरिक राजस्थानी लोकनृत्य

कविता-मंच

  • तनीषा मेहता: “बंधुत्व के सूत्र” शीर्षक कविता

  •  जितेंद्र राठौड़: “सम्मान की बेला” शीर्षक लघुकथा


‘ओसवाल रत्न’ सम्मान समारोह

चयन मानदंड

  • समाज सेवा एवं समर्पण

  • आर्थिक एवं शैक्षिक योगदान

  • धार्मिक एवं सांस्कृतिक उन्नयन

सम्मानित गण

  1. रमेशजी मुथा (उद्योगपति, नाकोडा तीर्थ अध्यक्ष)

  2. फतेचंदजी राणावत (एफएम ग्रुप निदेशक)

  3. चंदनजी भंसाली (मासमा अध्यक्ष)

सम्मान स्वरूप

  • तिलक, हार, साफा

  • मोमेंटो एवं पुष्प वर्षा

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शैक्षिक एवं सामाजिक संस्थाओं की प्रस्तुति

पार्श्वनाथ विद्यालय, वरकाणा

  • भरत परमार (सचिव) ने नाकोडा तीर्थ से मिली सहायता का धन्यवाद ज्ञापन किया।

  • आगामी योजनाएँ: कम्प्यूटर लैब स्थापना, पुस्तकालय का विस्तार।

पार्श्वनाथ विद्यालय, फालना

  • शांतीलालजी बोकडिया (सचिव) ने छात्रों की फीस सहायता हेतु याचिका प्रस्तुत की।

  • प्रतिज्ञा: हर बालक को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा।


स्वच्छता मिशन एवं सामुदायिक स्वास्थ्य

  • अशोक मेहता व कानाराम ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्राम स्तर पर चली सफाई मुहिम पर प्रकाश डाला।

  • उद्घोषणा: अगले वर्ष तक सभी ओसवाल बस्तियों को प्लास्टिक मुक्त घोषित करना।

  • स्वास्थ्य शिविर: मुफ्त नेत्र परीक्षण व रक्त जांच शिविर की घोषणा।


भविष्योन्मुख योजनाएँ एवं घोषणाएँ

  1. डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म: जैन समुदाय के लिए ई‑लर्निंग पोर्टल

  2. स्वयं सहायता समूह: महिलाओं के लिए सूक्ष्म वित्त एवं प्रशिक्षण

  3. युवा वॉर्मफ्लो: सामाजिक नवाचारों पर युवा हैकाथॉन


प्रेरक भाषण और भावनात्मक समापन

मंगलप्रभात लोढ़ा ने कहा:
“जैन समाज की निष्ठा और संयम देश के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आइए, हम सब मिलकर सेवा, शांति और सौहार्द का नया अध्याय लिखें।”

जगदीश मेहता ने जिक्र किया कि ओसवाल वंश ने सदियों से अनेक सामाजिक-धार्मिक संस्थाएँ स्थापित की हैं, जिनसे समग्र मानवता को लाभ हुआ।

समापन आभार

  • प्रवीण मेहता ने मंच से सभी अतिथियों, आयोजकों और स्वयंसेवकों का हृदय से धन्यवाद किया।

  • शंखनाद एवं पुष्पवृष्टि के बीच बंधुओं ने नृत्य, जयकार और संगीत के साथ इस महोत्सव को अविस्मरणीय बनाया।

Khushal Luniya

Meet Khushal Luniya – A Young Tech Enthusiast, AI Operations Expert, Graphic Designer, and Desk Editor at Luniya Times News. Known for his Brilliance and Creativity, Khushal Luniya has already mastered HTML and CSS. His deep passion for Coding, Artificial Intelligence, and Design is driving him to create impactful Digital Experiences. With a unique blend of technical skill and artistic vision, Khushal Luniya is truly a rising star in the Tech and Media World.

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