विदेशों से लाए हुए कानून जो भारत में अमल में लाना मुश्किल है उस पर पुनर्विचार करें सरकार : शंकर ठक्कर

वर्धा जिला ऑयल एंड ग्रेन मर्चेंट एसोसिएशन के वर्धापन दिन एवं वार्षिक स्नेह मिलन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित रहे शंकर ठक्कर एवं एफडीए अधिकारी प्रफुल्ल टोपले
अखिल भारतीय खाद्य तेल व्यापारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं कॉन्फडरेशन ऑफ इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय मंत्री शंकर ठक्कर ने बताया महात्मा गांधी एवं विनोबा भावे जी जैसे महान विभूतियों ने जहां पर अपने जीवन का काफी समय गुजरा था ऐसे महाराष्ट्र के ऐतिहासिक जिला वर्धा के संगठन वर्धा जिला ऑयल एंड ग्रैंड मर्चेंट एसोसिएशन द्वारा संगठन के वर्धापन दिन एवं वार्षिक स्नेह मिलन कार्यक्रम का आयोजन गांधी जी के सेवाग्राम स्थित गांधी कुटी आश्रम के सभागार में किया गया था।
वर्धा जिला ग्रेन एंड ऑयल मर्चेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष अनीश घांची ने कहा कार्यक्रम की शुरुआत शंकर ठक्कर एवं अन्य मेहमानो के द्वारा दीप प्रज्वलन से की गई। उसके बाद संस्था द्वारा पिछले वर्षों में और खासकर कोरोना काल में किए गए सामाजिक कार्यों की जानकारी दी गई और संस्था का विस्तार पूरे जिले तक बढ़ाकर व्यापारियों को एक सूत्र में पिरोकर गांधी जी के विचारों को आदर्श रखते हुए एकता और संघर्ष से शासन और प्रशासन में कई व्यापारियों को न्याय दिलाने में अहम भूमिका निभाई इस बारे में अवगत कराया गया। हम अखिल भारतीय खाद्य तेल व्यापारी महासंघ ओर कैट के साथ कंधे से कंधा मिलाकर और उनके द्वारा दिए गए निर्देशों पर चलते आए हैं और आगे भी चलते रहेंगे।
वर्धा जिला ऑयल एंड ग्रेन मर्चेंट एसोसिएशन के उपाध्यक्ष पियूष जैन ने कहा हमारी इच्छा विदर्भ के सारे व्यापारियों को एक छत्र के तले लाने की है और आने वाले दिनों में हम विदर्भ के सभी जिलों में भ्रमण कर संगठन को नई ताकत देने का काम करेंगे।
अखिल भारतीय खाद्य तेल व्यापारी महासंघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं टैंकर ओनर एसोसिएशन के अध्यक्ष सुभाष ठक्कर ने कहा यहां पर मुझे व्यापारियों के बीच समन्वय और भाईचारे की भावना देखने मिली यह बहुत कम जगह देखने को मिलता है। आप आगे भी इसी प्रकार से भाईचारा और एकता के साथ कम करें ऐसी में शुभकामनाएं देता हूं।
एफडीए सहायक आयुक्त प्रफुल्ल टॉपले ने कहा मैं कई दिनों से सभी व्यापारियों से मिलना चाहता था लेकिन आज इस कार्यक्रम के माध्यम से यह मौका मिला इसलिए मुझे अधिक खुशी है। इस जिले में अधिकतर व्यापारी कानून की अच्छी तरह पालना करते हैं जो सराहनीय बात है। संगठन प्रशासन और व्यापारियों के बीच अच्छा संवाद बनाकर रखता है जिससे हमारे कई काम आसान हो जाते हैं।
शंकर ठक्कर ने अपने वक्तव्य में कहा मुझे गांधी जी और विनोबा जी की पावन धरा पर आने का मौका मिला इसलिए मैं अपने आप को खुशनसीब समझता हूं। मैं सभी व्यापारियों से आग्रह करता हूं कि संगठन द्वारा आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों में अधिक से अधिक संख्या में जुड़ना चाहिए जिससे आपकी एकता दिखती है और संगठन के माध्यम से सरकार के नए कानूनो के बारे में जानकारी मिलती है और यदि आपकी कोई समस्या हो तो उसके निवारण के लिए भी रास्ता मिलता है।

जहां एकता होती है वहां सभी काम आसान होते हैं इसकी मिसाल हमने 1956 के पुराने आवश्यक वस्तु अधिनियम कानून से खाद्य तेल को बाहर निकलवाया। कई बार भारत में विदेश से कानून लाए जाते हैं जो हमारे देश की लोकसंख्या और अलग-अलग प्रदेशों के खान-पान के हिसाब मेल नहीं खाता है जिसका खामयाजा व्यापारियों को भुगतना पड़ता है इसलिए ऐसे कानून में सरकार को पुनः विचार कर तुरंत संशोधन करना चाहिए और अधिकारियों को भी इसमें सहयोग करना चाहिए।
मैं वर्धा जिला का विशेष आभारी हूं क्योंकि खाद्य तेल व्यापारियों पर जब संकट आया था तो इसी जिले के तत्कालीन सांसद रामदास तड़स जी ने हमारा प्रश्न लोकसभा में उठाया था जिससे खाद्य तेल व्यापारियों को बहुत बड़ी राहत मिली थी इसके लिए मैं उनका तहे दिल से आभार व्यक्त करता हूं।
आज हमारे देश को अमेरिका टैरिफ के नाम से डरा रहा है लेकिन मुझे पूर्ण विश्वास से कि हमारा देश और भी मजबूती के साथ आगे बढ़ेगा और इसके लिए हम देशवासियों और खासकर व्यापारियों को विदेशी सामानो का बहिष्कार कर जहां तक हो सके स्वदेशी सामानों का इस्तेमाल करना चाहिए जिससे देश का पैसा देश के अंदर रहेगा और देश को मजबूती मिलेगी। कार्यक्रम के अंत में संगठन सचिव मिथुन ने प्रमुख उपस्थितियों एवं जिले के सभी तहसीलों से बड़ी संख्या उपस्थित रहे व्यापारियों का आभार व्यक्त किया।













