जनगणना 2027 की अधिसूचना जारी, पहले चरण में होगा मकान सूचीकरण और आवास गणना

नई दिल्ली | केंद्र सरकार ने जनगणना 2027 के लिए औपचारिक प्रक्रिया की शुरुआत करते हुए पहला चरण शुरू करने संबंधी अधिसूचना जारी कर दी है।
यह अधिसूचना गृह मंत्रालय के अंतर्गत भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त की ओर से भारत के राजपत्र (असाधारण) में प्रकाशित की गई है। इसके तहत देशभर में मकान सूचीकरण (House Listing) और आवास गणना (Housing Census) का कार्य किया जाएगा ।
अधिसूचना के अनुसार, जनगणना अधिनियम 1948 की धारा 8(1) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए केंद्र सरकार ने यह निर्देश दिया है कि सभी नियुक्त जनगणना अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में प्रत्येक परिवार और आवास से निर्धारित प्रश्नों के माध्यम से जानकारी एकत्र करेंगे।
इन 33 बिंदुओं पर ली जाएगी जानकारी
पहले चरण में मकान और परिवार से जुड़ी बुनियादी लेकिन बेहद अहम जानकारियाँ जुटाई जाएंगी, जिनमें शामिल हैं—
- भवन व जनगणना मकान संख्या
- फर्श, दीवार और छत में प्रयुक्त सामग्री
- मकान का उपयोग और उसकी स्थिति
- परिवार के सदस्यों की संख्या और मुखिया का विवरण
- मकान का स्वामित्व
- पेयजल, बिजली, शौचालय और स्नानगृह की उपलब्धता
- खाना पकाने का ईंधन
- टीवी, मोबाइल, इंटरनेट, कंप्यूटर जैसी सुविधाएं
- वाहन और उपभोग किए जाने वाले प्रमुख अनाज
- मोबाइल नंबर (केवल जनगणना संबंधी संपर्क हेतु)
2020 की अधिसूचना को किया गया प्रतिस्थापित
इस नई अधिसूचना के साथ 7 जनवरी 2020 की पूर्व अधिसूचना को प्रतिस्थापित कर दिया गया है, हालांकि उससे पहले किए गए कार्य यथावत माने जाएंगे। इससे यह स्पष्ट हो गया है कि जनगणना 2027 को लेकर प्रशासनिक तैयारियां अब औपचारिक रूप से तेज कर दी गई हैं।
नीति निर्माण में होगी अहम भूमिका
विशेषज्ञों के अनुसार, मकान और परिवार से जुड़ा यह डेटा शहरी-ग्रामीण विकास, आवास योजनाओं, जल-बिजली व्यवस्था, डिजिटल कनेक्टिविटी और सामाजिक कल्याण योजनाओं की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।
सरकार की अपील
सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे जनगणना अधिकारियों को सही और पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि देश की वास्तविक सामाजिक-आर्थिक तस्वीर सामने आ सके।
जनगणना 2027 का यह पहला चरण आने वाले वर्षों की योजनाओं और संसाधन वितरण की नींव तय करेगा।















