10 साल से अतिक्रमण कायम, प्रशासन मौन — काला गुंडा में फूटा ग्रामीणों का गुस्सा

गंगापुर-सहाड़ा क्षेत्र में सड़क पर कब्जा, गंदगी से हालात बदतर, आंदोलन की चेतावनी
- लूनिया टाइम्स न्यूज | संवाददाता प्रभुलाल
गंगापुर (भीलवाड़ा)
भीलवाड़ा जिले के गंगापुर-सहाड़ा क्षेत्र की ग्राम पंचायत शिविरती के अंतर्गत काला गुंडा गांव में मुख्य मार्ग पर पिछले 10 वर्षों से अतिक्रमण बना हुआ है। लंबे समय से जारी इस समस्या के बावजूद प्रशासन की चुप्पी अब ग्रामीणों के आक्रोश में बदल गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह रास्ता गांव का प्रमुख आवागमन मार्ग है, लेकिन अतिक्रमण के कारण लोगों को रोजाना भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बार शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी बढ़ती जा रही है।
“मिलीभगत के बिना संभव नहीं” — ग्रामीणों का आरोप
ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यदि प्रशासन चाहे तो कुछ ही घंटों में अतिक्रमण हटाया जा सकता है, लेकिन वर्षों से कोई कार्रवाई न होना संदेह पैदा करता है। उनका कहना है कि जिम्मेदार अधिकारी केवल आश्वासन देते रहे हैं, जमीन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

गंदगी और बदबू से बिगड़े हालात, बीमारी का खतरा
अतिक्रमण के साथ-साथ मुख्य मार्ग पर कचरा और मलबा डालने से स्थिति और गंभीर हो गई है। क्षेत्र में बदबू फैल रही है और मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। ग्रामीणों ने डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रमण फैलने की आशंका जताई है, जिससे बच्चे और बुजुर्ग सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं।
सीसी रोड निर्माण कार्य भी प्रभावित
गांव में चल रहा सीसी रोड निर्माण कार्य भी अतिक्रमण के कारण बाधित हो रहा है। रास्ता अवरुद्ध होने से निर्माण की गति धीमी हो गई है, जिससे विकास कार्यों पर भी असर पड़ रहा है।
तीन लोगों पर अतिक्रमण का आरोप
ग्रामीणों ने प्रशासन को दिए शिकायत पत्र में शान्तिलाल, दलीचन्द और नारायण लाल सिरवी पर मुख्य मार्ग पर रोड़ियाँ डालकर अतिक्रमण करने का आरोप लगाया है। उन्होंने मांग की है कि इन पर तत्काल सख्त कार्रवाई कर रास्ता खाली कराया जाए।
सरपंच से तहसीलदार तक शिकायत, फिर भी कार्रवाई नहीं
ग्रामीणों का कहना है कि मामला सरपंच से लेकर तहसील प्रशासन तक कई बार पहुंचाया गया, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई होती तो स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती।
आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीण शंभू लाल सुथार, प्रहलाद सुथार और अंबा लाल सुथार ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो ग्रामीण बड़ा आंदोलन करेंगे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अब यह मामला आर-पार की लड़ाई बन चुका है।
प्रशासन पर उठे सवाल
काला गुंडा गांव का यह मामला अब प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस पर त्वरित कार्रवाई करता है या यह मामला यूं ही फाइलों में दबा रह जाएगा।













