भीलवाड़ा में भक्ति का महासागर: लाखों शिवभक्तों ने रचा नया इतिहास
पंडित प्रदीप मिश्रा की शिव महापुराण कथा में उमड़ा जनसैलाब, महाशिवरात्रि पर और बढ़ेगा उत्साह



रिपोर्ट – महेश पूरी भीलवाड़ा
भीलवाड़ा: धर्मनगरी भीलवाड़ा में इन दिनों आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। प्रख्यात कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के मुखारविंद से चल रही श्री शिव महापुराण कथा ने भक्ति का ऐसा इतिहास रच दिया, जिसे वर्षों तक याद किया जाएगा। आजादनगर स्थित मेडिसिटी ग्राउंड में आयोजित इस भव्य कथा में रविवार को लाखों शिवभक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा।
कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की भीड़ इतनी अधिक रही कि साढ़े चार लाख वर्ग फीट में फैला विशाल पांडाल भी छोटा पड़ गया। तीन अतिरिक्त टेंट और एलईडी स्क्रीन लगाने के बावजूद श्रद्धालुओं को बैठने की जगह मिलना मुश्किल हो गया। भीषण गर्मी के बावजूद भक्त जहां जगह मिली, वहीं बैठकर श्रद्धा से कथा श्रवण करते नजर आए।

कथा के दौरान पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि “भक्त बनना, भगवान मत बनना… जिस दिन स्वयं को भगवान मान लिया, उस दिन भगवान आपसे दूर हो जाएंगे।” उन्होंने बताया कि सच्ची भक्ति वही है, जिसमें विनम्रता और समर्पण हो।
उन्होंने श्रद्धालुओं को संदेश दिया कि बड़े तीर्थों की यात्रा से पहले अपने घर के पास स्थित शिव मंदिर में श्रद्धा से जल अर्पित करना ही सबसे बड़ा पुण्य है। हर कण में शिव का वास है, इसलिए भक्ति भाव से जीवन जीना ही सच्ची साधना है।
कथा के छठे दिन महाशिवरात्रि का विशेष आयोजन किया जाएगा, जिसमें रातभर भजन-कीर्तन और शिव आराधना होगी। अंतिम दिन मंगलवार को सुबह 8 से 11 बजे तक कथा का समापन होगा।
आयोजन समिति द्वारा श्रद्धालुओं के लिए छाया, पानी, भोजन और बैठने की उत्तम व्यवस्थाएं की गई हैं। सैकड़ों कार्यकर्ता सेवा भाव से जुटे हुए हैं, जिससे यह आयोजन ऐतिहासिक रूप ले सका है।
कथा के दौरान “अब दया करो ओ भोलेनाथ” भजन पर हजारों श्रद्धालु झूम उठे। भगवान कुंडकेश्वर महादेव की सजीव झांकी भी आकर्षण का केंद्र रही।
सोमवार को संतों के लिए विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देशभर से महामंडलेश्वर, महंत और संत शामिल होंगे। यह आयोजन आध्यात्मिक ऊर्जा और सेवा भावना का अनूठा संगम बनेगा।
भीलवाड़ा की इस ऐतिहासिक कथा ने यह सिद्ध कर दिया कि जब आस्था और श्रद्धा मिलती है, तो एक साधारण आयोजन भी इतिहास बन जाता है।











