भीलवाड़ा-राजसमंद को जोड़ने वाली नई रेल लाइन के लिए दो सांसदों ने मिलाया हाथ, संसद से रेल मंत्रालय तक गूंजी जनता की आवाज

भीलवाड़ा/राजसमंद। मेवाड़ क्षेत्र की दशकों पुरानी और सबसे बड़ी मांग को लेकर अब *दो जिलों के सांसदों ने एक साथ मोर्चा खोल दिया* है। *भीलवाड़ा सांसद दामोदर अग्रवाल और राजसमंद सांसद महिमा कुमारी मेवाड़* ने *संसद से लेकर रेल मंत्रालय तक “भीलवाड़ा से कुंवारियां (वाया गुरलां-कारोई-गंगापुर-पोटला-कुरज)” नई रेलवे लाइन को जल्द से जल्द हरी झंडी देने की पुरजोर मांग उठाई है।*
दोनों जनप्रतिनिधियों का कहना है कि लंबे समय से जनता इस कनेक्टिविटी के लिए संघर्ष कर रही है। अब समय आ गया है जब नीति आयोग (योजना आयोग) और रेल मंत्रालय जनभावनाओं का सम्मान करते हुए इस नई रेल लाइन के बजट और सर्वे को अंतिम मंजूरी प्रदान करे। पुर्व में भी इस रुट पर सर्वेक्षण किया गया था परन्तु कोई कारण से नई रेलवे लाइन की स्वीकृति नहीं मिली है अब दो जनप्रतिनिधियों एवं डबल इंजन की सरकार के दो सांसद ने एक स्वर में भीलवाड़ा से कुंवारियां नई रेलवे लाइन की मांग को जनता के लिए रेलवे मंत्री से संसद तक मांग कर रहे हैं शीघ्र ही इस रुट पर रेलवे लाइन पर सरकार संज्ञान लेकर स्वीकृति प्रदान करेगी

🚂 यह होगा नया रेल रूट (Proposed Route)
प्रस्तावित योजना के अनुसार, यह नई ब्रॉडगेज लाइन भीलवाड़ा से शुरू होकर *गुरलां, कारोई, गंगापुर, पोटला, कुरज होते हुए राजसमंद के कुंवारियां* तक पहुंचेगी। इस रूट के जुड़ने से भीलवाड़ा और राजसमंद जिलों के बीच की दूरी बेहद कम हो जाएगी और परिवहन के नए रास्ते खुलेंगे।
💼 विकास के पहिए को मिलेगी रफ्तार: ५ बड़े
1.फायदेटेक्सटाइल और मार्बल हब का महामिलन (Industry)*: वस्त्र नगरी भीलवाड़ा के कपड़ा उद्योग और राजसमंद के प्रसिद्ध मार्बल-माइनिंग व्यवसाय को इस लाइन से सीधा फायदा मिलेगा। मालगाड़ियों (Freight Trains) के जरिए कच्चे और तैयार माल का परिवहन बेहद सस्ता हो जाएगा।
2.लाखों की आबादी को सीधी कनेक्टिविटी (Connectivity): गुरलां, गंगापुर और कुरज जैसे बड़े कस्बों के लोगों को अब लंबी दूरी की यात्रा के लिए महंगे बस सफर पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
3.मेवाड़ में बढ़ेगा पर्यटन और धार्मिक यात्रा (Tourism): यह रेल मार्ग जुड़ने से देश भर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए नाथद्वारा (श्रीनाथजी) और कांकरोली (द्वारकाधीश) पहुंचना बेहद सुगम हो जाएगा।
4.रोजगार की नई बहार (Employment): नए रेलवे स्टेशनों के निर्माण, लॉजिस्टिक्स हब बनने और औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आने से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के हजारों नए अवसर पैदा होंगे।
5.सस्ता और सुरक्षित सफर: क्षेत्र के ग्रामीण और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए यह रेल लाइन एक वरदान साबित होगी, जिससे उनका समय और पैसा दोनों बचेगा।
🗣️ “जनता की मांग सर्वोपरि”— सांसदों के कड़े प्रयास
राजसमंद सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ ने हाल ही में रेलवे की उच्च स्तरीय बैठकों में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि यह रेल लाइन इस क्षेत्र के विकास की जीवन रेखा (Lifeline) है। वहीं भीलवाड़ा सांसद दामोदर अग्रवाल ने रेल संघर्ष समिति और जनता के ज्ञापनों पर त्वरित संज्ञान लेते हुए रेल मंत्री से मुलाकात की है और इस परियोजना को केंद्रीय बजट में प्राथमिकता देने का आग्रह किया है।
जनता की उम्मीदें: क्षेत्र की जनता का कहना है कि दोनों सांसदों के संयुक्त प्रयासों से इस बार उम्मीद की नई किरण जागी है। अब देखना यह है कि केंद्र सरकार और रेल मंत्रालय इस बहुप्रतीक्षित मांग पर कब तक अपनी अंतिम मुहर लगाता है।













