नया जोयला में आस्था का महासागर: मंडोरा परिवार का महाउत्सव 17 से, भक्ति-संगीत से थिरकेगा गांव
कुमावत समाज में जश्न का माहौल, दो दिन तक उमड़ेगा श्रद्धालुओं का सैलाब—भक्ति, परंपरा और एकता का बनेगा नया इतिहास

- रिपोर्ट पुखराज कुमावत सुमेरपुर
सुमेरपुर/शिवगंज। सिरोही जिले का नया जोयला गांव 17 और 18 अप्रैल को आयोजित होने वाले भव्य धार्मिक महोत्सव के साथ पूर्णतः भक्तिमय वातावरण में रंगने जा रहा है। मंडोरा चौहान परिवार के सान्निध्य में होने वाला यह दो दिवसीय आयोजन कुमावत समाज के लिए आस्था, परंपरा और एकता का अद्वितीय संगम बनकर उभर रहा है। गांव की फिजा में भक्ति की गूंज सुनाई दे रही है—हर घर में तैयारियां जोरों पर हैं और हर चेहरे पर उत्साह व खुशी स्पष्ट झलक रही है।
स्वर्गीय कपु बाई (धर्मपत्नी स्व. भालाराम कुम्हार) की पुण्य स्मृति में आयोजित यह महोत्सव भावनाओं, संस्कारों और श्रद्धा का जीवंत प्रतीक बन गया है। आयोजन को भव्य और ऐतिहासिक स्वरूप देने के लिए डायाराम कुम्हार, प्रकाश कुमार, दानाराम कुम्हार सहित समस्त मंडोरा परिवार पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ जुटा हुआ है। संत-महात्माओं का सान्निध्य इस आयोजन को आध्यात्मिक ऊंचाइयों तक ले जाने वाला है।

भक्ति की धुनों पर झूमेगा जोयला
शुक्रवार रात्रि 9 बजे से आयोजित होने वाली भव्य भजन संध्या महोत्सव का मुख्य आकर्षण रहेगी। ख्यातनाम भजन कलाकारों की सुमधुर प्रस्तुतियां और मंच संचालक ऋषभ नागर की ऊर्जावान शैली कार्यक्रम में विशेष रंग भरेंगी। देर रात तक चलने वाली इस संध्या में श्रद्धालु भक्ति के सुरों में डूबे नजर आएंगे।
कलश यात्रा से महाप्रसाद तक—हर आयोजन में झलकेगी आस्था
शनिवार सुबह 7 बजे भव्य कलश यात्रा के साथ दूसरे दिन की शुरुआत होगी, जो पूरे गांव को धर्ममय वातावरण से सराबोर कर देगी। इसके बाद 11 बजे गंगा पाठ और दोपहर 1 बजे गीता पाठ का आयोजन किया जाएगा। वहीं सुबह 10:30 बजे से गंगा प्रसादी (महाप्रसाद) का आयोजन होगा, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
चारधाम यात्रा से लौटा जोश, स्वागत बना चर्चा का केंद्र
महोत्सव से पूर्व मंडोरा परिवार की चारधाम यात्रा से वापसी पर गुरुवार को गांव में भव्य स्वागत किया गया। ढोल-नगाड़ों, फूल-मालाओं और जयघोष के साथ हुआ यह अभिनंदन पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसने महोत्सव को लेकर उत्साह को और अधिक बढ़ा दिया है।
भव्य व्यवस्थाएं—हर पहलू पर विशेष ध्यान
आयोजन स्थल पर विशाल पंडाल, पेयजल, बैठने की समुचित व्यवस्था और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए हर व्यवस्था को सुव्यवस्थित और सुदृढ़ बनाया गया है। मंडोरा परिवार की तैयारियां अनुशासन, सेवा और समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत कर रही हैं।
कुमावत समाज में एकता और गौरव का प्रतीक
यह महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि कुमावत समाज की एकता, सेवा भावना और सांस्कृतिक विरासत का भव्य प्रदर्शन भी है। समाज के लोगों में उत्साह चरम पर है और हर व्यक्ति इस आयोजन का हिस्सा बनने को आतुर दिखाई दे रहा है।
नया जोयला तैयार—अब इतिहास रचने की बारी
दो दिनों तक नया जोयला आस्था का केंद्र बन जाएगा, जहां हर कदम पर श्रद्धा, हर दिल में भक्ति और हर जुबान पर जयकारा गूंजेगा। मंडोरा परिवार का यह आयोजन निश्चित रूप से आने वाले समय में एक प्रेरणादायक मिसाल के रूप में याद किया जाएगा।













