ब्राजील से आयातित गिर नस्ल के सांडों के हिमकृत वीर्य डोज का जिलों में वितरण

जयपुर। पशुपालन एवं गोपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने आज आरएलडीबी सभागार में राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत ब्राजील से आयातित उच्च आनुवांशिक गुणवत्ता वाले गिर नस्ल के सांडों के हिमकृत वीर्य डोज का जिलों को वितरण शुरू किया। इस दौरान उन्होंने जयपुर जिले को वीर्य का जार सौंपा। कार्यक्रम में पशुपालन विभाग के निदेशक एवं आरएलडीबी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आनंद सेजरा भी मौजूद थे।
कुमावत ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार पशुपालकों के विकास के लिए प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि गायों की नस्ल सुधार और दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए ब्राजील से आयातित गिर नस्ल के सांडों का हिमकृत वीर्य पहली बार राज्य को मिला है। यह वीर्य एनडीडीबी के माध्यम से प्राप्त हुआ है और इसे 23 जिलों में वितरित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस वीर्य का उपयोग गिर नस्ल की गायों में कृत्रिम गर्भाधान के लिए किया जाएगा, जिससे उच्च गुणवत्ता वाले बछड़े और बछियाँ पैदा होंगी। इससे दुग्ध उत्पादन क्षमता बढ़कर प्रतिदिन 50 लीटर तक हो सकती है, जबकि वर्तमान में यह 15-20 लीटर है।
कुमावत ने कहा कि यह वीर्य पशुपालकों को केवल 100 रुपये में उपलब्ध कराया जाएगा। भविष्य में ब्राजील से और अधिक वीर्य आयात करने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इसका लाभ सिर्फ डेयरी फार्मों तक सीमित न रहे, बल्कि व्यक्तिगत पशुपालकों तक भी पहुँचे।
राज्य की प्रजनन नीति के अनुसार, इस वीर्य का उपयोग अजमेर, भीलवाड़ा, टोंक, भरतपुर, पाली, उदयपुर, चित्तौड़गढ़, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, राजसमंद, प्रतापगढ़, जयपुर, सीकर सहित 23 जिलों में किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान कुमावत ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न जिलों के अतिरिक्त एवं संयुक्त निदेशकों तथा किसानों से भी संवाद किया।










