हरियाली तीज पर भारतमाता आश्रम ने किया परिजात वृक्षारोपण, धार्मिक परंपराओं संग जनजागृति का संदेश

नोहर, रविवार: हरियाली श्रावणी तीज के पावन अवसर पर भारतमाता आश्रम, नोहर द्वारा पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक प्रेरणादायी पहल करते हुए नेवर मंदिर परिसर में परिजात (हरसिंगार) का वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस धार्मिक एवं पर्यावरणीय आयोजन में पारंपरिक विधि-विधान से वृक्ष पूजन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत आश्रम में पं. विनोद शास्त्री व पं. बंटी शास्त्री द्वारा मंत्रोच्चार व वैदिक विधि से परिजात वृक्ष की पूजा-अर्चना एवं आरती के साथ हुई। इस दौरान पूरे वातावरण में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ।

आश्रम के महंत योगी रामनाथ अवधूत ने वृक्षारोपण के आध्यात्मिक व पौराणिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि,
“समुद्र मंथन के समय निकले 14 रत्नों में से एक परिजात वृक्ष भी था, जिसे इंद्रदेव अपने स्वर्ग लोक ले गए थे। द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण सत्यभामा की इच्छा पूर्ण करने हेतु इसे स्वर्ग से पृथ्वी पर लाए। यह वृक्ष न केवल आध्यात्मिक दृष्टि से पूजनीय है बल्कि आयुर्वेदिक दृष्टि से भी अत्यंत गुणकारी है।”
कार्यक्रम में स्थानीय समाजसेवियों, शिक्षाविदों व युवाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस अवसर पर शिक्षाविद् रामकिशन जोशी, शैलेन्द्र वर्मा, महेश सोनी, एडवोकेट अमित स्वामी, ओम सुथार, श्रवण रैगर, विक्रम स्वामी, योगेश लाटा, नरेश जोशी, सौरभ घोड़ेला, पवन सिंह राठौड़, शिवम वर्मा सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
पर्यावरण संरक्षण, परंपरा और संस्कृति को एक सूत्र में पिरोते हुए भारतमाता आश्रम का यह आयोजन सामाजिक चेतना का प्रतीक बन गया। आयोजन के समापन पर सभी ने अधिकाधिक वृक्ष लगाने और उनकी देखभाल का संकल्प लिया।












